Court Verdict (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
सांगली

4 साल की मासूम से रेप और हत्या मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को फांसी की सजा, महाराष्ट्र में दूसरा बड़ा जजमेंट

Sangli POCSO Court Verdict: सांगली में 4 साल की मासूम से दरिंदगी और हत्या के आरोपी पांडुरंग कल्ली को विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। जानें महाराष्ट्र के इस दूसरे ऐतिहासिक फैसले की पूरी खबर।

गोरक्ष पोफली

Sangli Minor Rape Murder Case: महाराष्ट्र के सांगली जिले से न्याय की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने न केवल समाज में कड़ा संदेश दिया है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया की तेजी पर भी मुहर लगा दी है। सांगली के जत तहसील स्थित करजगी गांव में एक 4 साल की मासूम बच्ची के साथ हैवानियत करने और उसकी हत्या करने वाले नराधम को विशेष न्यायालय ने मरे तक फांसी की सजा सुनाई है।

यह दिल दहला देने वाली घटना 2 फरवरी 2025 की है। पीड़िता अपनी दादी के पास रह रही थी, क्योंकि उसके पिता रत्नागिरी में मजदूरी के लिए गए थे और मां कर्नाटक में अपने मायके गई हुई थी। सुबह घर के बाहर खेलते समय वह अचानक लापता हो गई। पूरे गांव में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई।

जांच के दौरान सामने आया सच

जांच के दौरान पुलिस को पांडुरंग सोमना कल्ली (46) की गतिविधियों पर संदेह हुआ। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो रोंगटे खड़े कर देने वाला सच सामने आया। आरोपी ने मासूम का यौन उत्पीड़न करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को एक लोहे की पेटी में प्लास्टिक की थैली में बांधकर छिपा दिया था।

खुद तलाशी अभियान में हुआ था शामिल

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि आरोपी पांडुरंग ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बड़ी चालाकी चली थी। वह खुद ग्रामीणों के साथ मिलकर लापता बच्ची को तलाश अभियान में शामिल हो गया था। हालांकि, पुलिसिया तफ्तीश के आगे उसकी यह चाल काम नहीं आई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

15 दिन में चार्जशीट और डेढ़ साल में न्याय

घटना की गंभीरता और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए सांगली पुलिस ने बेहद तेजी से जांच पूरी की और मात्र 15 दिनों के भीतर अदालत में चार्ज शीट दाखिल कर दिया था। सांगली के जिला एवं सत्र न्यायालय के विशेष बाल संरक्षण न्यायालय में इसकी सुनवाई चली। सरकारी वकील प्रमोद भोकरे ने आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास और अपराध की क्रूरता को आधार बनाकर उसे फांसी की सजा देने की जोरदार पैरवी की।

महाराष्ट्र का दूसरा ऐतिहासिक फैसला

पुणे के नसरापुर में हुई ऐसी ही एक घटना के बाद, यह महाराष्ट्र का दूसरा बड़ा मामला है जिसमें किसी मासूम के साथ हुए अत्याचार की सुनवाई को महज डेढ़ साल के भीतर पूरा कर फांसी की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने इसे दुर्लभतम से दुर्लभ मामला मानते हुए आरोपी पांडुरंग को मौत की सजा सुनाई।

इस ऐतिहासिक फैसले का पीड़ित परिवार और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार के त्वरित न्याय से अपराधियों के मन में कानून का डर बैठेगा और भविष्य में ऐसी वारदातों पर लगाम लगेगी।

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