Sangli FDA Action Hotel License Suspended: सांगली में खाने-पीने के शौकीनों के लिए यह खबर थोड़ी चौंकाने वाली हो सकती है, लेकिन आम जनता की सेहत के नजरिए से यह एक बड़ी राहत है। अन्न व औषध प्रशासन ने सांगली जिले में एक बड़ा अभियान चलाकर उन होटल मालिकों और खाद्य व्यवसायियों की नींद उड़ा दी है, जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।
महाराष्ट्र में कड़क अधिकारी के रूप में पहचाने जाने वाले तुकाराम मुंढे ने जब से एफडीए आयुक्त का पदभार संभाला है, तब से पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर खलबली मची हुई है। सांगली में भी इसका असर साफ दिख रहा है। पिछले आठ-दस दिनों के भीतर एफडीए की टीम ने जिले के 40 अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक आयुक्त नीलेश मसारे कर रहे हैं।
इस औचक निरीक्षण में जो तस्वीरें सामने आईं, वे काफी चिंताजनक थीं। कहीं किचन में भारी गंदगी थी, तो कहीं खाने में प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रशासन ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए 27 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया है और 4 के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। निलंबित किए गए प्रतिष्ठानों में पलुस तहसील के तीन होटल और एक बेकरी शामिल है।
प्रशासन की इस कार्रवाई का असर इतना जबरदस्त है कि जिन होटलों में महीनों से सफाई नहीं हुई थी, वहां अब सफाई अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। होटल मालिक खुद अपने किचन से प्रतिबंधित रंगों और पदार्थों को हटा रहे हैं। एफडीए ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर अगर सुधार नहीं हुआ, तो उन संस्थानों के लाइसेंस भी रद्द कर दिए जाएंगे।
मानसून के मौसम को देखते हुए एफडीए ने कुछ सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी:
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एफडीए की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि मुनाफे के लिए जनता के स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांगली के नागरिक अब इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि अब उन्हें बाहर का खाना खाते समय शुद्धता और स्वच्छता की गारंटी मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।