Durvank Shewale Suicide Sangli: महाराष्ट्र के सांगली जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक 19 साल के हिंदू युवक ने कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन के दबाव में आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक युवक की मां ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे पर इस्लाम धर्म अपनाने और मुस्लिम रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए लगातार ब्लैकमेल और मजबूर किया जा रहा था।
पीड़ित मां की लिखित तहरीर के आधार पर स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी साहिल राजू बागवान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में संलिप्त एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मृतक की पहचान 19 वर्षीय दुर्वांक शेवाले के रूप में हुई है। बीते 25 जून को दुर्वांक अपने घर के बेडरूम में मृत अवस्था में पाया गया था। उसकी मां भारती शेवाले ने रोते हुए बताया, "मेरा बेटा पुणे से 23 तारीख को घर वापस आया था।
वह एक मुस्लिम लड़की के प्रेम में था। घर आने के बाद वह अपने बेडरूम में गया, जहां उसे किसी का फोन आया और उसके बाद उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। मेरा एक ही इकलौता बेटा था, जिसे धर्मांतरण का दबाव डालकर छीन लिया गया। मुझे बस मेरे बेटे के लिए न्याय चाहिए।"
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी मुस्तैदी से जांच में जुट गया है। केस के मुख्य जांच अधिकारी और पुलिस निरीक्षक अरुण सुगांवकर ने बताया कि दुर्वांक ने आत्महत्या करने से ठीक पहले अपने मोबाइल से एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, हालांकि उस वीडियो में उसने सीधे तौर पर किसी कारण का उल्लेख नहीं किया है।
लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी टीम की मदद से मृतक का मोबाइल, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और व्हाट्सएप चैट हिस्ट्री खंगाली, तो उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। चैट में आरोपी साहिल बागवान और वह नाबालिग लड़की दुर्वांक को लगातार अपने धर्म में शामिल होने की बातें लिख रहे थे।
सांगली पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी साहिल बागवान से पुलिस कस्टडी में पूछताछ की जा रही है कि क्या इस जबरन धर्मांतरण के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था या यह व्यक्तिगत स्तर पर किया गया कृत्य था।
पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि दुर्वांक को आखिरी फोन कॉल किसका आया था। फिलहाल, पुलिस और फॉरेंसिक टीम सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।