Samruddhi Mahamarg Loot Incidents: : महाराष्ट्र की जीवनरेखा माने जाने वाले 701 किलोमीटर लंबा मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग रोजाना करीब 11 लाख वाहन इस हाइवे का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, हाल ही में घटी कुछ घटनाओं, सड़क पर कीलें मिलने की खबरों और लगातार हो रहे हादसों ने यात्रियों के मन में सुरक्षा को लेकर बड़ा डर पैदा कर दिया है।
नासिक जिले के सिन्नर के पास गुरुवार आधी रात को सड़क पर नुकीली कीलें बिछाकर गाड़ियों के टायर पंक्चर करने और यात्रियों को लूटने का मामला सामने आया। छत्रपति संभाजीनगर के एडवोकेट श्रीकांत मिश्रा जब परिवार संग गुजर रहे थे, तो उनकी कार का टायर फटने के बाद झाड़ियों से 10-12 नकाबपोश बदमाशों ने हमला करने का प्रयास किया। इस घटना के बाद सवाल उठा रहा है समृद्धि कितना सुरक्षित है।
यह पहली बार नहीं है कि समृद्धि महामार्ग पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया है। इससे पहले भी लूट की वारदातों को अंजाम दिया गया है। इसी साल 2 मार्च को सिन्नर तहसील के कोनांबे शिवार क्षेत्र में कार से जा रहे चार लोग को कुछ अज्ञात बदमाशों ने कार रोककर हथियारों के बल पर लूट लिया। इनमें उल्हासनगर निवासी दीपा वाधवा, अंजू दाणी, सिया दाणी तथा छत्रपति संभाजीनगर का एक व्यक्ति शामिल था।
समृद्धि महामार्ग पर पथराव की भी घटना हो चुकी है। 13 मार्च को परिवार का एक सदस्य शिरडी से नागपुर जा रहा था। जैसे ही उनकी कार छत्रपति संभाजीनगर के वैजापुर तालुक के जंबरगांव शिवरा में समृद्धि हाईवे पर पहुंची, एक अज्ञात व्यक्ति ने दौड़ती हुई कार पर अचानक पथराव कर दिया, जिसमें एक महिला यात्री घायल हो गई। उनके वाहन के पीछे चल रहे वाहन पर भी पथराव किया गया।
समृद्धि महामार्ग पर नुकीलें कीलें बिछाकर लूट की वारदातें पहले भी हो चुकी है। 9 सितंबर 2025 को भी इसी प्रकार की घटना सामने आई थी। समृद्धि महामार्ग पर सावंगी और जम्भाला इंटरचेंज के बीच सड़क पर बड़ी-बड़ी कीलें मिलने की खबरें फैलीं। इसकी वजह से कई गाड़ियां पंचर हुई थी। हालांकि बाद में इस पर महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने सफाई दी थी।
MSRDC ने बताया था कि मालीवाडा इंटरचेंज पर ब्रिज मरम्मत के लिए नोजल लगाए गए थे। एक वाहन द्वारा बैरिकेड्स तोड़े जाने के कारण पीछे आ रही गाड़ियां पंक्चर हुईं, यह कोई आपराधिक साजिश नहीं थी।
समृद्धि महामार्ग पर किडनैपिंग और बदसलूका का भी प्रयास हो चुका है। जनवरी 2026 में कांग्रेस पार्षदों के साथ कुछ हमलावरों ने बदसलूकी की थी। यह सभी पार्षद एक निजी ट्रेवल्स बस से पुणे से चंद्रपुर लौट रहे थे। इसी दौरान वर्धा जिले में करीब 20 से 25 लोगों ने उनकी बस को रोक लिया।
आरोपियों ने बस में घुसकर सभी लाइट्स बंद किए, बस चालक से चाबी छीन ली। इसके बाद कुछ लोगों ने महिला पार्षदों को हिला हिलाकर जगाने का प्रयास किया, उनके साथ छेड़छाड़ भी की।
बस में सवार महिला पार्षद वनश्री मेश्राम वरभे ने बताया कि सुबह 5 बजे जब बस में सवार सभी लोग गहरी नींद में थे, अचानक 10 से 12 नकाबपोश बस में घुस आए, वे कह रहे थे कि, नीचे उतरो, मैडम आपसे बात करना चाहती है। हालांकि इस मामले में कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह की बात सामने आई थी।
नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर लगभग 701 किलोमीटर में कुल 1000 सीसीटीवी कैमरे लगे है। यानी हर किलोमीटर पर एक 'तीसरी आंख' की निगरानी रखे हुए है। बावजूद इसके लूट, पथराव की वारदातों और सड़क हादसों ने इस महामार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। हाइवे पुलिस की पेट्रोलिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं।
समृद्धि महामार्ग पर भीषण गर्मी के दिनों में वाहनों के लिए एक नई समस्या पैदा हो जाती है। सीमेंट-कंक्रीट सड़क पर तापमान अत्यधिक बढ़ने से टायर फटने और कुछ मामलों में वाहनों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। गर्मी के दिनों में मालवाहक वाहन दिनभर पेट्रोल पंपों पर खड़े रहते हैं और शाम लगभग 6 बजे के बाद ही आगे बढ़ते हैं। चारपहिया वाहनों की आवाजाही भी सुबह 8 बजे तक ही सीमित रह जाती है, इसके बाद महामार्ग पर सन्नाटा छा जाता है।
समृद्धि महामार्ग पर लगभग 30 से 31 किलोमीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप, शौचालय और होटल की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन बीच के हिस्सों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।