सदानंद दाते, फोटो- नवभारत 
महाराष्ट्र

कौन हैं सदानंद दाते जिन्हें मिली DGP की कुर्सी? आतंकी कसाब से जान पर खेल लिया था लोहा, जानिए सबकुछ

Who is Sadanand Date: 26/11 मुंबई हमलों के नायक और एनआईए (NIA) के पूर्व प्रमुख सदानंद दाते को महाराष्ट्र का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है, दाते ने रश्मि शुक्ला का स्थान लिया। जानिए सब-

प्रतीक पाण्डेय

Maharashtra New DGP Sadanand Date: महाराष्ट्र सरकार ने वीरता और प्रशासनिक अनुभव की मिसाल पेश करने वाले वरिष्ठ IPS अधिकारी सदानंद दाते को राज्य पुलिस बल का नया मुखिया नियुक्त किया है। 1990 बैच के अधिकारी दाते, जिन्होंने 26/11 हमलों के दौरान कसाब के सामने दीवार बनकर अपनी जांबाजी साबित की थी, अब राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे।

सदानंद दाते को देश भर में उस जांबाज अधिकारी के तौर पर पहचाना जाता है, जिन्होंने 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मौत को बेहद करीब से देखा था। उस समय वे दक्षिण मुंबई में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रीजन) के पद पर तैनात थे। जब आतंकियों ने 'कामा एंड अल्ब्लेस' अस्पताल पर हमला किया, तो दाते अपनी छोटी सी टीम के साथ वहां पहुंच गए।

जब आतंकियों के सामने डटे रहे दाते

'कामा एंड अल्ब्लेस' अस्पताल में अजमल कसाब और अबू इस्माइल ने एक लिफ्ट ऑपरेटर, चंद्रकांत टिक्के को 'मानव ढाल' बनाया हुआ था। दाते और उनकी टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर उस बंधक को सुरक्षित बचाया। आतंकियों ने उन पर ग्रेनेड से हमला किया और अंधाधुंध फायरिंग की, लेकिन दाते डटे रहे। उनके साहस के कारण ही आतंकियों को वहां से भागने पर मजबूर होना पड़ा।

गंभीर जख्म और आज भी शरीर में मौजूद हैं मेटल के टुकड़े

आतंकियों की ओर से किए गए ग्रेनेड हमलों में सदानंद दाते बुरी तरह घायल हो गए थे। उनकी आंखों, गले, छाती, दाहिने घुटने और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। विस्फोट के कारण वे कुछ समय के लिए बेहोश (ब्लैकआउट) भी हो गए थे। सूत्रों के अनुसार, उस रात के संघर्ष के निशान आज भी उनके शरीर पर मौजूद हैं; उनके शरीर में मेटल के कुछ टुकड़े आज भी धंसे हुए हैं जिन्हें निकाला नहीं जा सका है। इसी अदम्य साहस के लिए उन्हें राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है।

सदानंद दाते के बारे में जानकारी, फोटो- AI

प्रशासनिक अनुभव और टैलेंट का संगम हैं सदानंद दाते

सदानंद दाते केवल एक जांबाज फील्ड ऑफिसर ही नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित और अनुभवी रणनीतिकार भी हैं। उनके करियर की कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

• NIA प्रमुख: वे भारत की शीर्ष आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक रह चुके हैं।

• ATS नेतृत्व: उन्होंने महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) का प्रमुख रहते हुए कई जटिल मामलों को सुलझाया।

• केंद्रीय अनुभव: वे सीबीआई (CBI) में डीआईजी और सीआरपीएफ (CRPF) में महानिरीक्षक (ऑपरेशंस) जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं।

• स्थानीय प्रशासन: वे मीरा-भयंदर और वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के पहले पुलिस आयुक्त भी रहे।

• शिक्षा: उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से 'आर्थिक अपराधों' के विषय पर डॉक्टरेट (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त की है।

सदानंद दाते को चुनने के पीछे की असल वजह क्या है?

सदानंद दाते की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था और आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर पुलिस प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उनकी शांत छवि और 'तेज-तर्रार' कार्यशैली से उम्मीद की जा रही है कि वे राज्य की कानून-व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगे। वे रश्मि शुक्ला के बाद राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिससे विभाग के भीतर भी उनकी स्वीकार्यता काफी अधिक है। दाते को क्विक एक्शन लेने और किसी भी गंभीर परिस्थिती से निपटने में महारत हासिल है। दाते की ये ताकत महाराष्ट्र पुलिस के लिए वरदान साबित हो सकती हैं।

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