Chandrashekhar Bawankule Observer (फोटो क्रेडिट-X)  
महाराष्ट्र

RS Election 2026: कांग्रेस और साथियों के 11 विधायकों पर BJP की नजर, बावनकुले को दिल्ली से मिली खास जिम्मेदारी

Rajya Sabha Election 2026 Odisha: राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए चंद्रशेखर बावनकुले को ओडिशा का ऑब्जर्वर बनाया गया है। उनका लक्ष्य भाजपा उम्मीदवार के लिए 11 अतिरिक्त वोट जुटाना है।

अनिल सिंह

Chandrashekhar Bawankule Observer: 2026 की राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनावों ने देश का सियासी पारा बढ़ा दिया है। इस बार सबकी नजरें ओडिशा पर टिकी हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा दांव खेलते हुए विपक्ष के खेमे में सेंधमारी की तैयारी कर ली है। भाजपा ने ओडिशा में राज्यसभा की चौथी सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को मैदान में उतारा है। बावनकुले को दिल्ली आलाकमान ने 'विशेष पर्यवेक्षक' बनाकर भुवनेश्वर भेजा है, जहां वे कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) के असंतुष्ट विधायकों को साधने का काम करेंगे।

ओडिशा में कुल 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है। संख्याबल के हिसाब से भाजपा की 2 और बीजेडी की 1 सीट पक्की है, लेकिन असली घमासान पांचवें उम्मीदवार यानी भाजपा समर्थित दिलीप रे और कांग्रेस समर्थित दत्तेश्वर मिक्ष के बीच है। भाजपा को अपने उम्मीदवार की जीत के लिए अतिरिक्त 11 मतों की आवश्यकता है। चंद्रशेखर बावनकुले बुधवार रात भुवनेश्वर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने उनका स्वागत किया। बावनकुले की छवि एक कुशल रणनीतिकार की है, जो विपक्षी विधायकों के बीच पैठ बनाने में माहिर माने जाते हैं।

ओडिशा में समीकरण और 'मिशन-11' की चुनौती

ओडिशा विधानसभा की वर्तमान स्थिति के अनुसार, भाजपा के पास अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद भी 20 अतिरिक्त वोट बचते हैं। वहीं, कांग्रेस और बीजेडी के पास मिलाकर 34 अतिरिक्त वोट हैं। भाजपा को दिलीप रे की जीत के लिए कम से कम 11 और वोटों की दरकार है। बावनकुले को इसी 'मिशन-11' को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी भूमिका कांग्रेस और बीजेडी के उन विधायकों से संपर्क साधने की है जो अपनी पार्टी के नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। 16 मार्च को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि बावनकुले अपनी इस विशेष जिम्मेदारी में कितने सफल हो पाते हैं।

रणनीतिकार बावनकुले का अनुभव और दिल्ली का भरोसा

चंद्रशेखर बावनकुले को महाराष्ट्र में संगठन को मजबूत करने और जटिल चुनावों में जीत दिलाने का लंबा अनुभव है। भाजपा नेतृत्व ने उनकी इसी काबिलियत पर भरोसा जताते हुए उन्हें ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्य में ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। बावनकुले की नियुक्ति यह दर्शाती है कि भाजपा राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए एक-एक सीट पर सूक्ष्म प्रबंधन (Micro-management) कर रही है। भुवनेश्वर में उनकी मौजूदगी ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है, क्योंकि उन्हें 'ऑपरेशन लोटस' के माहिर खिलाड़ी के रूप में देखा जाता है।

16 मार्च को अग्निपरीक्षा: सत्ता और विपक्ष का मुकाबला

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है। 9 मार्च को देश की 26 सीटों पर निर्विरोध चुनाव संपन्न हो चुके हैं, लेकिन बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 सीटों पर घमासान जारी है। 16 मार्च को सुबह से मतदान शुरू होगा और शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। ओडिशा में बावनकुले की सक्रियता ने कांग्रेस और नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी को अपने विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती दे दी है। यदि बावनकुले 11 विधायक तोड़ने में सफल रहते हैं, तो यह न केवल भाजपा की जीत होगी बल्कि विपक्षी एकता के लिए एक बड़ा झटका भी साबित होगा।

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