Rajabhau Waje Emotional During Press Conference: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दलबदल की सुगबुगाहट तेज है, जिसे ऑपरेशन टाइगर का नाम दिया जा रहा है। ऐसी चर्चाएं हैं कि शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। इन अफवाहों के बीच, दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जब नासिक से सांसद राजाभाऊ वाजे अपने आंसू नहीं रोक पाए। उनकी इस भावुकता और पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा को देखकर सोशल मीडिया पर नेटिजन्स भी काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं।
यह घटना दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत के आवास पर हुई। इस दौरान पार्टी के तीन प्रमुख सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे मीडिया के सामने आए ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वे उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं। जब संजय राउत राजाभाऊ वाजे की तारीफ कर रहे थे और उनकी वफादारी का जिक्र कर रहे थे, तब वाजे काफी भावुक हो गए। उनके आंखों में आंसू तैरने लगे और उन्होंने दो बार अपने हाथ से अपनी आंखें पोंछीं।
संजय राउत ने राजाभाऊ वाजे की सराहना करते हुए कहा कि वाजे पहले दिन से ही कह रहे हैं कि वे उद्धव बालासाहेब ठाकरे के साथ हैं। राउत ने बताया कि जब वाजे राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली उतरे, तब भी उनके शब्द यही थे। राउत ने उनके इस व्यवहार को निष्ठा और श्रद्धा का नाम दिया। उन्होंने आगे कहा कि सांसद और विधायक आते-जाते रहते हैं, लेकिन जिस पार्टी ने हमें सब कुछ दिया, उसे हम भूल नहीं सकते। बालासाहेब ठाकरे ने हमें बेटों की तरह पाला और उद्धव ठाकरे ने भाई की तरह प्यार दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने उन लोगों पर तीखा हमला बोला जो पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग छोड़कर जा रहे हैं, वे बेईमान हैं और उनके खून में ही बेईमानी है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस बार महाराष्ट्र की जनता और शिवसैनिक चुप नहीं बैठेंगे और यदि इतिहास दोहराया गया, तो भारी विरोध होगा।
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अफवाहों को रोकने और पार्टी को एकजुट रखने के लिए उद्धव गुट ने कानूनी कदम भी उठाए हैं। अरविंद सावंत ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी पत्र लिखा गया है।
राजाभाऊ वाजे के इन आंसुओं ने यह संदेश दिया है कि राजनीति में आज भी कुछ लोग पदों से ऊपर उठकर रिश्तों और निष्ठा को महत्व देते हैं। उनकी इस सादगी और वफादारी ने न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है, बल्कि आम जनता के बीच भी उनकी छवि एक निष्ठावान नेता के रूप में उभरी है।