

Sanjay Raut Abuses to Rebel MP Shic Sena UBT: महाराष्ट्र की सियासत में जारी 'ऑपरेशन टाइगर' और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसदों की संभावित बगावत ने अब एक बेहद कड़वा और विवादित मोड़ ले लिया है। पार्टी में मची इस बड़ी भगदड़ से पूरी तरह तिलमिलाए यूबीटी के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत का आपा खोने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत की जुबान इस कदर फिसल गई कि उन्होंने कैमरे के सामने ही अपनी पार्टी के बागी सांसदों को सरेआम भद्दी गालियां दे डालीं।
राउत ने मीडियाकर्मियों से यहां तक कह दिया कि वे उनके बयान के इस गाली-गलौज वाले हिस्से को बिल्कुल भी न काटें (एडिट न करें), क्योंकि पार्टी से गद्दारी करने वाले लोग इसी भाषा के लायक हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है।
दिल्ली में आपातकालीन बैठक से ठीक पहले मीडिया के कैमरों से रूबरू हुए संजय राउत बेहद गुस्से में नजर आ रहे थे। उन्होंने बागी सांसदों के चरित्र पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "इन लोगों के खून में ही बेईमानी और गद्दारी है, इसलिए इन्होंने संकट के समय पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है।" भावुक होते हुए राउत ने आगे कहा कि हम सभी वफादार नेता वंदनीय बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों को मानने वाले लोग हैं, जिन्होंने हमें हमेशा अपने पिता की तरह प्यार और संरक्षण दिया। वहीं, पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी पार्टी के सभी नेताओं, सांसदों और विधायकों को हमेशा अपने छोटे भाई की तरह सम्मान दिया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग लालच में आकर गद्दारी पर उतर आए हैं।
गौरतलब है कि लोकसभा में शिवसेना ठाकरे गुट के कुल 9 सांसद हैं, जिनमें से 6 सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावती तेवर अपना लिए हैं। ये सभी बागी सांसद इस समय देश की राजधानी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर संसद में अपने अलग गुट को मान्यता दिलाने की कोशिशों में जुटे हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी खुद दिल्ली पहुंच चुके हैं, जहां वे इन सांसदों से मुलाकात कर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने की अंतिम रूपरेखा (ऑपरेशन टाइगर) तय कर रहे हैं।
इस बड़े राजनीतिक संकट और संभावित 'ऑपरेशन टाइगर' को किसी भी तरह टालने और बागी सांसदों को आखिरी बार समझाने-बुझाने के इरादे से खुद संजय राउत भी आनन-फानन में मुंबई से दिल्ली पहुंचे हैं। ठाकरे खेमे की कोशिश है कि किसी भी तरह बगावत करने वाले सांसदों से बातचीत कर उन्हें वापस 'मातोश्री' के पाले में लाया जा सके। हालांकि, दिल्ली पहुंचते ही संजय राउत द्वारा कैमरे के सामने दी गई इस गाली और अमर्यादित भाषा ने मामले को सुलझाने के बजाय और ज्यादा बिगाड़ दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राउत के इस आक्रामक और अपमानजनक बयान के बाद बागी सांसदों की वापसी के सारे रास्ते लगभग बंद हो गए हैं।