उद्धव ठाकरे- राज ठाकरे 
महाराष्ट्र

ठाकरे भाइयों में डील हुई फाइनल, पर्दे के पीछे से चल रही बात, गठबंधन होना तय

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गुटों के बीच गठबंधन की संभावना बढ़ रही है। दोनों पक्षों के नेताओं के बीच गुप्त बैठकें हो रही हैं।

सोनाली चावरे

मुंबई: एक-दूसरे के राजनीतिक विरोधी माने जाने वाले राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच बीते कुछ हफ्तों में कई अनौपचारिक मुलाकातें हुई हैं। दोनों ठाकरे भाईयों के बीच गठबंधन की संभावना बढ़ रही है। दोनों पक्षों के नेताओं में लगातार गुप्त बैठकें हो रही हैं। महाराष्ट्र की बदलती राजनीति में ये गठबंधन नया आकार ले सकता है।

महाराष्ट्र के ठाकरे भाई एक बार फिर से साथ आते दिख रहे हैं। दोनों के बीच गठबंधन की बात लगभग फाइनल ही समझिए। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि दोनों उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गुटों में हलचल तेज हो गई है। पिछले महीने से ही उद्धव गुट और मनसे के गठबंधन के लिए आंदोलनों ने गति पकड़ ली है। वरुण सरदेसाई और बाला नंदगांवकर के बीच दो से तीन गुप्त बैठकें कर चुके हैं। वहीं, संदीप देशपांडे और वरुण सरदेसाई के बीच चार विस्तृत चर्चाएं भी हुई हैं।

ठाकरे बंधुओं में सुलह

2017 में गठबंधन का नेतृत्व बाला नांदगांवकर-संदीप देशपांडे ने ही किया था। इस साल भी वही चेहरे सक्रिय दिख रहे हैं। मनसे-ठाकरे गुट के नेताओं की गुप्त बैठकों से माना जा सकता है कि ठाकरे बंधुओं में सुलह की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

'पिछले दरवाजे' से चल रही बातचीत

सूत्रों की मानें तो पिछले एक महीने से दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच 'पिछले दरवाजे' से बातचीत चल रही है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन के लिए दोनों पक्षों की ओर से पर्दे के पीछे से बात जारी है। दोनों समूहों के नेताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। हालांकि, पिछले महीने से 'पिछले दरवाजे' से बातचीत शुरू हो गई है।

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