School Girls Umbrella Mic Reporting Exposes PWD: महाराष्ट्र के रायगड जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और सरकार के विकास के दावों की हवा निकाल दी है।
कर्जत तहसील के खांडपे में जिला परिषद स्कूल की छात्राओं ने सड़क की बदहाली को दिखाने के लिए एक अनोखा रास्ता अपनाया। इन बच्चियों ने हाथ में छतरी को बूम माइक की तरह पकड़ा और हूबहू टीवी न्यूज़ रिपोर्टर के अंदाज में प्रशासन की लापरवाही का पर्दाफाश किया।
वीडियो में रिपोर्टर बनी छात्रा नेहा घारे हाथ में छतरी थामे रिपोर्टिंग करती दिखती है, जबकि उसकी सहेली मानसी पवार कैमरामैन की भूमिका निभा रही है। नेहा बेहद तंज भरे लहजे में कहती है कि हम आज कोंडीवडे गांव की सड़क पर हैं। यह सड़क किसी एक्सप्रेस-वे जैसी है, यहां से गाड़ियां इतनी सहज गुजरती हैं कि पेट का पानी तक नहीं हिलता।
अपनी रिपोर्टिंग के अंत में वह सबसे चुभता हुआ सवाल पूछती है कि समझ नहीं आ रहा कि गड्ढे में रास्ता है या रास्ते में गड्ढा। यह वीडियो न केवल इन बच्चियों की जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि PWD के कामकाज पर एक बड़ा तमाचा भी है।
कर्जत-कोंडीवडे मार्ग की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि यहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, मरीजों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को रोजाना जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
हैरानी की बात यह है कि बच्चियों का यह वीडियो पूरे महाराष्ट्र में वायरल हो गया और चर्चा का विषय बना, लेकिन इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग अभी भी गहरी नींद में सोया हुआ है और नागरिकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सड़कों की इस बदहाली का एक बड़ा कारण राजनीतिक भ्रष्टाचार भी माना जा रहा है। रायगड दौरे के दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी इसी मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई-गोवा राजमार्ग जैसी बड़ी परियोजनाएं पिछले 17 सालों से इसीलिए अटकी हुई हैं क्योंकि वहां काम से ज्यादा कमीशन की चिंता की जाती है। ठाकरे के अनुसार, ठेकेदार राजनीतिक हस्तक्षेप और कमीशनखोरी से तंग आकर काम छोड़कर भाग रहे हैं।
इन स्कूली बच्चियों की छतरी वाली रिपोर्टिंग ने यह साबित कर दिया है कि जब बड़े-बड़े नेता और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं, तो आने वाली पीढ़ी को खुद ही माइक संभालकर सिस्टम को आईना दिखाना पड़ता है।