राज ठाकरे  (सोर्स: सोशल मीडिया)
रायगड

परसेंटेज के खेल में अटका हैं विकास.. राज ठाकरे की कोंकण के लोगों को चेतावनी, बोले- परियोजनाओं में बनें पार्टनर

Raj Thackeray Warning: राज ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि परसेंटेज के खेल में विकास अटक गया है। उन्होंने कोंकण के लोगों को जमीन न बेचने और प्रोजेक्ट्स में पार्टनर बनने की सलाह दी।

गोरक्ष पोफली

Raj Thackeray Konkan Visit: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने कोंकण क्षेत्र के विकास और मुंबई-गोवा राजमार्ग की बदहाली को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। रायगड जिले के अपने हालिया दौरे के दौरान उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार का ध्यान जनहित के बजाय इस बात पर है कि किस परियोजना से कितना कमीशन मिलेगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये विकास कार्य मराठी मानुस के लिए हैं या फिर बाहरी लोगों को बसाने के लिए।

17 साल से अधूरा राजमार्ग और परसेंटेज का खेल

राज ठाकरे ने मुंबई-गोवा राजमार्ग की दुर्दशा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस सड़क को बनते हुए 17 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि ठेकेदार काम छोड़ कर भाग रहे हैं क्योंकि वे राजनीतिक हस्तक्षेप और कमीशनखोरी से तंग आ चुके हैं। ठाकरे का आरोप है कि सरकार को केवल इस बात की चिंता है कि उन्हें कितना हिस्सा मिलेगा, सड़क की गुणवत्ता और जनता की परेशानी से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।

तीसरी मुंबई और स्थानीय लोगों का भविष्य

तीसरी मुंबई परियोजना पर बात करते हुए राज ठाकरे ने गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इस मेगा प्रोजेक्ट में एजुकेशनल सिटी, मेडिकल सिटी, स्पोर्ट्स सिटी और डेटा सेंटर जैसी बड़ी चीजें आने वाली हैं, लेकिन क्या महाराष्ट्र के युवक-युवतियां इसके लिए तैयार हैं?।

उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों के लोगों को पता है कि यहां क्या होने वाला है और वे अपने बच्चों को तैयार कर रहे हैं, जबकि यहां का स्थानीय युवा अंधेरे में है। उन्होंने सवाल किया, क्या हमारे स्थानीय लोग केवल जमीन के मालिक बनकर रह जाएंगे और विकास का आनंद बाहरी लोग लेंगे?

जमीन बेचना यानी अपना अस्तित्व मिटाना

कोंकण के लोगों को सावधान करते हुए उन्होंने कहा कि आपकी जमीन ही आपका अस्तित्व है। जैसे ही आप अपनी जमीन बेचते हैं, आपका वजूद खत्म हो जाता है। उन्होंने पुणे के मगरपट्टा का उदाहरण देते हुए स्थानीय लोगों को परियोजनाओं में पार्टनर बनने की सलाह दी, न कि केवल अपनी जमीन बेचकर पैसा लेकर किनारे होने की।

सत्ता परिवर्तन ही समाधान

राज ठाकरे ने लोगों से आह्वान किया कि जब तक वे वही चेहरे बार-बार चुनते रहेंगे, तब तक कुछ नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा कि 15 साल से लोग एक ही समस्या झेल रहे हैं और चुनाव के वक्त नेता केवल पैसे बांटकर वोट ले लेते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का काम लोगों का हित देखना है, न कि पालक मंत्री पद के लिए आपस में लड़ना। उनके अनुसार, जब तक जनता इन नेताओं को झटका नहीं देगी, तब तक कोंकण और महाराष्ट्र की स्थिति में कोई सुधार नहीं आएगा।

धामी सरकार के फैसले पर भड़के मुरली मनोहर जोशी! बद्रीनाथ में संगीत कार्यक्रम पर बोले- धाम की पवित्रता पर आघात

अप्रूवर बन जाइए तो बचेंगे...CEC पर बरसे पवन खेड़ा, बोले- न मोदी बचेंगे, न शाह और न ज्ञानेश बाबू

लैंडस्लाइड के बाद सिक्किम के दर्जनों परिवार पर आफत, लगातार भारी बारिश के बीच आशियाना तलाश रहे लोग

अनिल अंबानी की रिलायंस पावर को बड़ा झटका, बोर्ड मेंबर सचिन महापात्रा ने दिया इस्तीफा, जानिए क्या बताई वजह

Dr. Manmohan Singh Biography: अर्थशास्त्री से प्रधानमंत्री तक, जानिए उनके जीवन और उपलब्धियों की कहानी