अलीबाग-1 सब डिवीजन में चौल-2 ब्रांच ऑफिस के कर्मी (फोटो नवभारत) 
रायगड

महावितरण का बड़ा धमाका! कोंकण डिवीजन में 43 लाख स्मार्ट मीटर लगे, रायगड के इस ऑफिस में 100% काम पूरा

Mahavitaran Smart Meter: महाराष्ट्र में महावितरण का स्मार्ट मीटर अभियान तेजी से जारी है। कोंकण डिवीजन ने 43 लाख मीटर लगाकर रिकॉर्ड बनाया, वहीं रायगड के चौल-2 ऑफिस 100% स्मार्ट मीटर लगाए।

सूर्यप्रकाश मिश्र

Konkan Division Smart Meter Record: बिजली वितरण कंपनी महावितरण की ओर से पूरे महाराष्ट्र में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चल रहा है। साथ ही इसके फायदे भी बताए जा रहे हैं। इसके तहत कोंकण रीजनल डिवीजन ने सबसे ज़्यादा 43 लाख 3 हज़ार मीटर लगाए हैं। इसमें भांडुप मंडल 10 लाख से ज़्यादा स्मार्ट मीटर लगाकर दूसरे नंबर पर है।

यहां लगा 100% स्मार्ट मीटर

कोंकण डिवीजन में ही अलीबाग का चौल-2 ब्रांच ऑफिस रायगड जिले का पहला 100% स्मार्ट मीटर लगाने वाला ऑफिस बना है। साथ ही, स्मार्ट मीटर लगाने का प्रोसेस चल रहा है। बताया गया कि अचूक बिलिंग एवं अन्य छूट की वजह से स्मार्ट मीटर का फायदा उठाने वालों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। रायगड जिले में महावितरण के पेन मंडल ऑफिस के अंदर कुल 4 डिवीजन और 17 सब-डिवीजन और 105 ब्रांच ऑफिस हैं। इनमें से अलीबाग-1 सब डिवीजन में चौल-2 ब्रांच ऑफिस ने कुल 1,570 कस्टमर्स के मीटर बदलकर 100% काम पूरा कर लिया है। यह ऑफिस 100% स्मार्ट मीटर लगाने वाला रायगड जिले का पहला ब्रांच ऑफिस बन गया है।

क्या है स्मार्ट मीटर के फायदे?

स्मार्ट मीटर लगाने के कई फायदे है। स्मार्ट मीटर की वजह से कस्टमर्स को सही रीडिंग देना मुमकिन हुआ है, कस्टमर्स मोबाइल ऐप पर अपना बिजली का इस्तेमाल चेक कर सकते हैं, और घरेलू बिजली उपभोक्ता सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच इस्तेमाल की गई बिजली पर डिस्काउंट पा सकते हैं। इस हिसाब से, अब तक रायगड जिले में कुल 3.40 लाख बिजली कस्टमर्स को बिजली बिल में 2.83 करोड़ रुपये की छूट दी गई है।

रायगड जिले के अलीबाग-1 सब डिवीजन में चौल-2 ब्रांच ऑफिस ने 100 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक किया। चौल ब्रांच के इंजीनियर देवरत पवार और वहां के सभी कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं स्मार्ट मीटर के फायदे और सही जानकारी देकर जागरूकता लाई और यह काम किया है। यह दिखाया है कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बिजली के इस्तेमाल को कंट्रोल करना मुमकिन है। इस कार्य के लिए पेण के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर धनराज बिक्कड़ और सब-डिविजनल ऑफिसर तायडे के नेतृत्व में पूरा हुआ। भांडुप सर्कल के चीफ इंजीनियर संजय पाटिल ने इस कामयाबी के लिए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्हे बधाई दी।

IIT में क्यों टूट रही छात्रों की सांसें? 20 साल में 171 मौतें, क्या डिप्रेशन और तनाव से जूझ रहे हैं IITian

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में 105 बार चोरी हुई, CCTV से खुला राज; 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करेगी SIT

जमुई छात्रा से छेड़खानी! वायरल VIDEO के बाद महिला आयोग सख्त; SP को दिए गिरफ्तारी के निर्देश

भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड समझौते को हरी झंडी, दशहरा पर 20 अक्टूबर से होगा लागू; पीयूष गोयल ने की घोषणा

Asian Games में इतिहास रचने वाली सुचिका को राष्ट्रपति मुर्मू समेत कई नेताओं ने दी बधाई, जज्बे को किया सलाम