आंबेनली घाट मार्ग पांच दिनों के लिए पूर्णतः बंद (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
रायगड

महाबलेश्वर-पोलादपुर मार्ग पर भूस्खलन का गंभीर खतरा, आंबेनली घाट पूर्णतः बंद

सातारा और रायगढ़ जिलों को जोड़ने वाला प्रमुख पहाड़ी मार्ग आंबेनली घाट अब पूरी तरह असुरक्षित घोषित किया गया है। घाट के दोनों ओर से यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

आंचल लोखंडे

रायगढ़/सातारा: महाराष्ट्र में जारी मूसलधार बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ा दिया है। सातारा और रायगढ़ जिलों को जोड़ने वाला प्रमुख पहाड़ी मार्ग आंबेनली घाट अब पूरी तरह असुरक्षित घोषित किया गया है। घाट क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण चट्टानों के खिसकने और भारी भूस्खलन की आशंका को देखते हुए, प्रशासन ने यह मार्ग आगामी 5 दिनों तक यातायात के लिए पूर्णतः बंद रखने का निर्णय लिया है।

इस निर्णय का उद्देश्य स्पष्ट है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। घाट के दोनों ओर से यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और सभी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने का सुझाव दिया गया है।

भूस्खलन की घटनाएं बनीं चिंता का विषय

बीते कुछ दिनों में आंबेनली घाट क्षेत्र में कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पहाड़ी चट्टानें दरकने लगी हैं और सड़क किनारे भारी मलबा जमा हो रहा है। यदि इस स्थिति में यातायात चालू रखा जाता, तो यह सीधे यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकता था। यही कारण है कि सातारा और रायगढ़ जिले के प्रशासन ने तत्काल एक संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें मौसम विभाग की रिपोर्ट, भूगर्भीय विश्लेषण और पुलिस विभाग की प्राथमिक जानकारी को आधार बनाते हुए घाट को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया।

5 दिनों तक रहेगा मार्ग बंद

घाट को अगले 5 दिनों तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। हालांकि, स्थिति की निरंतर निगरानी की जाएगी। यदि मौसम में सुधार होता है और घाट क्षेत्र सुरक्षित पाया जाता है, तो इसे पुनः खोलने पर विचार किया जाएगा। लेकिन तब तक किसी भी स्थिति में इस मार्ग से आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशासन की अपील-निर्देशों का पालन करें

प्रशासन ने यात्रियों और नागरिकों से अपील की है कि वे जारी किए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी प्रकार की अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पर्यटकों को सतर्क किया गया है कि वे महाबलेश्वर-पोलादपुर मार्ग की ओर यात्रा न करें और वैकल्पिक सुरक्षित मार्गो का प्रयोग करें। यात्रा संबंधी किसी भी जानकारी के लिए संबंधित जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

यात्रियों की सुरक्षा ही प्राथमिकता

प्रशासन का यह निर्णय न केवल समयोचित है, बल्कि संभावित जान-माल की हानि को रोकने की दिशा में एक सतर्क और ज़िम्मेदार कदम भी है। हाल के वर्षों में मानसून के दौरान भूस्खलन के चलते हुई घटनाओं को देखते हुए, यह फैसला आवश्यक और उचित माना जा रहा है।

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