यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल पिंपरी-चिंचवड़ (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

पिंपरी-चिंचवड़ के YCMH अस्पताल 3,318 मरीजों का निःशुल्क इलाज, जानिए कैसे मिला 1 लाख तक का फायदा

Free Treatment News: पिंपरी-चिंचवड़ के वाईसीएम अस्पताल में 2025 में 3,318 मरीजों को महात्मा ज्योतिबा जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत के तहत 9.24 करोड़ रुपये खर्च कर निःशुल्क इलाज दिया गया।

आकाश मसने

Pimpri-Chinchwad YCM Hospital Free Treatment News: पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के यशवंतराव चव्हाण स्मृति अस्पताल (YCMH PCMC) में जनवरी से दिसंबर 2025 की अवधि में महात्मा ज्योतिबा जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कुल 3,318 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। इसके लिए महानगरपालिका द्वारा 9 करोड़ 24 लाख 53 हजार 900 रुपये खर्च किए गए। इन योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को पूरी तरह निशुल्क इलाज दिया जाता है।

शल्यक्रियाओं सहित समग्र चिकित्सा सेवा

महात्मा ज्योतिबा जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सभी प्रकार की शल्यक्रियाएं (सर्जरी) की जाती हैं। YCMH अस्पताल में सर्जरी हेतु आवश्यक डॉक्टर और आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता होने के कारण इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान कुल 3,318 निःशुल्क उपचार किए गए, जिनमें 608 शल्यक्रियाएं शामिल हैं। शेष मरीजों को विभिन्न प्रकार के उपचार प्रदान किए गए।

मरीजों पर एक भी रुपये का खर्च नहीं

विशेष बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में मरीज को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने इस व्यवस्था को पूरी तरह सुनिश्चित किया। कोरोना महामारी के दौरान इसी योजना के अंतर्गत अस्पताल में 5,500 से अधिक मरीजों को निशुल्क और कैशलेस उपचार प्रदान किया गया था। अस्पताल प्रबंधन, सर्जरी सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और डॉक्टरों के समन्वित नियोजन से मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना समन्वयक डॉ. सूर्यकांत मुंडलोड ने बताया कि कोई भी मरीज केवल आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे, यही हमारा प्रयास है।

वैध प्रमाणपत्र आवश्यक

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घिसाव और दुर्घटनाओं में हड्डियों का टूटना जैसी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में मरीज पिंपरी-चिंचवड़ के  YCMH अस्पताल आते हैं। इन मरीजों को कई बार सर्जरी की आवश्यकता होती है, जिसके लिए इम्प्लांट सहित विशेष चिकित्सा सामग्री की जरूरत होती है। प्रशासन ने इन सामग्रियों की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ठेकेदार नियुक्त किए हैं। ठेकेदार समय पर और उच्च गुणवत्ता की सामग्री उपलब्ध कराने में 100 प्रतिशत सफल रहे हैं।

सभी प्रकार की अस्थिरोग से जुड़ी शल्यक्रियाओं के लिए कार्ड धारक, राशन कार्ड उपलब्ध न होने पर निवास प्रमाणपत्र / तहसीलदार प्रमाणपत्र आवश्यक है। आश्रम शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थी और महिला आश्रम की महिलाओं के लिए भी वैध प्रमाणपत्र अनिवार्य है।

1,00,000 रुपये तक का निःशुल्क उपचार

जनसंपर्क महासंचालनालय द्वारा मान्य वैध पहचान पत्र आवश्यक है। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए महाराष्ट्र भवन और अन्य निर्माण कामगार कल्याण मंडल का वैध पहचान पत्र जरूरी है। इसके अलावा, कर्नाटक सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए बेलगांव, कारवार, कलबुर्गी, बीदर के राशन कार्ड / निवास / तहसीलदार प्रमाणपत्र आवश्यक हैं। सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को महात्मा ज्योतिबा जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 1,00,000 रुपये तक का निःशुल्क उपचार प्रदान किया जाता है।

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