विद्यानंद बापट (सोर्स: डिजाइन फोटो)
पुणे

घटं भिन्द्यात् पटं छिन्द्यात्... DJ का विरोध करने वाले विद्यानंद बापट की बढ़ीं मुश्किलें; HC का नोटिस जारी

Loudspeaker Controversy Pune: DJ और लाउडस्पीकर के खिलाफ आवाज उठाने वाले विद्यानंद बापट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धार्मिक परंपराओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में बॉम्बे HC के वकील ने नोटिस भेजा है।

गोरक्ष पोफली

Vidyanand Bapat Legal Notice: घटं भिन्द्यात् पटं छिन्द्यात् कुर्याद् रासभरोहणम्। येन केन प्रकारेण प्रसिद्धः पुरुषो भवेत्॥ इस स्टेटमेंट से चर्चित, पुणे के गणेशोत्सव में डीजे और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने की पुरजोर मांग करने वाले विद्यानंद बापट की मुश्किलें अब अचानक बढ़ गई हैं।

पुणे में गणेशोत्सव के दौरान होने वाले भारी शोर-शराबे और डीजे साउंड सिस्टम के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करने वाले बापट को अब एक बड़ा कानूनी झटका लगा है।

मुंबई उच्च न्यायालय के वकील ने भेजा नोटिस

पुणे के प्रसिद्ध गणेशोत्सव में लगातार बजने वाले डीजे साउंड सिस्टम का विरोध कर रहे विद्यानंद बापट को मुंबई उच्च न्यायालय के वकील प्रदीप नाइक ने एक कड़ा कानूनी नोटिस भेजा है।

इस नोटिस के जरिए बापट को 48 घंटे का समय दिया गया है और उनसे हिंदू श्रद्धालुओं से बिना शर्त लिखित माफी मांगने की मांग की गई है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण और माफीनामा प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ आपराधिक और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भगवान गणेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

कानूनी नोटिस में यह दावा किया गया है कि गणेशोत्सव, हिंदू धार्मिक परंपराओं और भगवान गणेश को लेकर विद्यानंद बापट द्वारा दिए गए बयान बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक हैं।

डीजे बंदी की मांग को लेकर बापट द्वारा दिए गए इंटरव्यू और उनके कुछ मुद्दे सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुए थे। नोटिस में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी व्यक्ति को धार्मिक श्रद्धा, आस्था और आराध्य देवों का अवमान करने का अधिकार नहीं है।

ध्वनि प्रदूषण का विरोध स्वीकार्य

वकील प्रदीप नाइक ने नोटिस के जरिए स्पष्ट किया है कि ध्वनि प्रदूषण, लाउडस्पीकर, जुलूसों या सार्वजनिक उत्सवों के विषय में कानूनी और सभ्य तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का कोई विरोध नहीं है।

कोई भी नागरिक नियम-कायदों के दायरे में रहकर अपनी राय रख सकता है, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल दूसरों की धार्मिक भावनाओं को दुखाने या धार्मिक आस्था पर चोट करने के लिए नहीं होना चाहिए।

मारपीट से लेकर कानूनी शिकंजे तक

पुणे के गणेशोत्सव में लगभग 72-72 घंटे तक लगातार बजने वाले डीजे साउंड सिस्टम के विरोध में बापट लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं और उनके समर्थन में पुणे के आम नागरिक भी सड़कों पर उतरे थे।

मीडिया को इंटरव्यू देते समय बापट के साथ हाथापाई और मारपीट होने की घटना भी सामने आई थी। हालांकि, कई राजनीतिक नेताओं का भी यह मानना रहा है कि पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ त्योहार सादगी और गरिमा से मनाए जा सकते हैं। इसके बावजूद, धार्मिक श्रद्धा से जुड़े बयानों के कारण अब बापट सीधे कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं।

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