यशवंत शुगर मिल (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)  
पुणे

यशवंत शुगर मिल की 99.27 एकड़ जमीन खरीद पर फिर लगी रोक, राज्य सरकार ने रोकी वित्तीय कार्रवाई

Pune Theur Land Dispute: पुणे के थेऊर में यशवंत शुगर मिल की 99.27 एकड़ जमीन खरीद पर महाराष्ट्र सरकार ने फिर रोक लगाई। राजस्व विभाग की मंजूरी के बिना रजिस्ट्री करने पर हुई कार्रवाई।

रूपम सिंह

Theur Land Dispute Yashwant Sugar Mill: राज्य सरकार ने पुणे के थेऊर स्थित यशवंत सहकारी शुगर मिल की 99.27 एकड़ जमीन खरीद पर फिर रोक लगा दी है। पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भी पुणे बाजार समिति ने 49.18 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री 17 जून, 2026 को पूरी होने की घोषणा की थी। समिति द्वारा मिल को 96.67 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने और 50 करोड़ बकाया होने की जानकारी सामने आने पर विपणन निदेशालय ने सभी प्रशासनिक व वित्तीय कार्यवाही तुरंत रोकने का निर्देश दिया है। इस फैसले से करोड़ों का यह भूमि सौदा दोबारा अनिश्चितता के भंवर में फंस गया है।

मिल खाते में 96.67 करोड़ रुपये किए गए थे ट्रांसफर

समिति द्वारा इस भूमि सौदे के लिए मिल खाते में 96.67 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई थी। इस जमीन की खरीद को पूरा करने के लिए शुगर मिल को अभी भी लगभग 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जाना बाकी है। शासन के नए आदेश के कारण अब इस बकाया राशि के भुगतान और आगे की रजिस्ट्री प्रक्रिया पर पूरी तरह ग्रहण लग गया है।

बिना राजस्व विभाग की अनुमति के हुआ सौदा

राज्य सरकार ने 16 सितंबर को एक सरकारी फैसले के माध्यम से 99 एकड़ 97 आर क्षेत्रफल की इस पूरी जमीन को 299 करोड़ रुपये में पुणे बाजार समिति समिति को बेचने की मंजूरी दी थी। उप-बाजार परिसर स्थापित करने के लिए कुल 99.27 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित था।

हालांकि, पूर्व में मंत्रिमंडल द्वारा इस खरीद को मंजूरी देने और मूल्यांकन पूरा होने के बावजूद, कानूनी अड़चनों के कारण नया फैसला लेना पड़ा है। पुणे कृषि बाजार समिति समिति के संचालक प्रशांत कालभोर ने इस सौदे में राजस्व विभाग की पूर्व अनुमति न लिए जाने की बात मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाई थी।

उन्होंने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में मांग करते हुए कहा कि जब तक राजस्व विभाग की संबंधित अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक इस भूमि सौदे को तुरंत स्थगित रखा जाए। यह कानूनी खामी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया और इस सौदे पर रोक लगाई थी।

हाई कोर्ट में याचिका की गई दायर

सहकारिता मंत्रालय की अवर सचिव माधवी शिंदे के पत्र पर सह-निदेशक स्नेहा जोशी ने पुणे मंडी समिति को आदेश दिया कि यशवंत कारखाने की 99।27 एकड़ जमीन खरीद पर अगली सूचना तक कोई प्रशासनिक या वित्तीय कार्यवाही न की जाए। दूसरी ओर, राजस्व विभाग की मंजूरी न मिलने और कथित अनियमितताओं के खिलाफ किसान सदस्य कार्रवाई समिति ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। जिससे यह विवाद और पेचीदा हो गया है।

पुणे कृषि बाजार समिति संचालक प्रशांत कालभोर ने बाताया की मुख्यमंत्री के पूर्व आदेशों के बावजूद, राजस्व विभाग की अनुमति के बिना इस जमीन की रजिस्ट्री की गई। यह कदम नियमों का पूरी तरह उल्लंघन था, जिसके बाद इसे दोबारा रोका गया।

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