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Pune News: पूर्व हवेली के किसानों का हल्ला बोल, बोले- पानी का रिसाव बंद तो खेती बर्बाद

पूर्व हवेली के किसानों ने पुरानी नहर के मरम्मत के अंतर्गत होने वाले सीमेंट लेवलिंग के काम का जोरदार विरोध किया है। इन किसानों का कहना है कि इससे खेती की सिंचाई पर असर होगा और जलस्तर भी घटेगा।

अपूर्वा नायक

Pune News In Hindi: पूर्व हवेली के किसानों ने पुराने नहर की मरम्मत के तहत सीमेंट समतलीकरण काम का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि इस कार्य से उनके खेतों की सिंचाई प्रभावित होगी और क्षेत्र का जल स्तर कम हो जाएगा।

किसानों ने इस संबंध में पुणे के सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता और हवेली के तहसीलदार को एक पत्र भी भेजा है। यह विरोध कई गांवों से सामने आया है, जिनमें कदम वाकबस्ती, लोणी कालभोर, कुंजीरवाड़ी, सोरतापवाड़ी और उरुली कांचन शामिल हैं। किसानों का मानना है कि अगर नहर का सीमेंट समतलीकरण किया गया, तो पूर्वी हवेली की उपजाऊ जमीन फिर से बंजर हो जाएगी। सोरतापवाड़ी की सरपंच मनीषा चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत ने एकजुट होकर इस काम के खिलाफ प्रस्ताव भी पारित किया है।

भूजल स्तर पर पड़ेगा बुरा असर

किसानों का कहना है कि उन्होंने नहर के किनारे दो से तीन गुंठे जमीन खरीदकर वहां कुएं खोदे हैं। इन कुओं से वे पांच से छह किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर अपनी खेती को पानी देते हैं। सीमेंट समतलीकरण के कारण जमीन में पानी का रिसाव बंद हो जाएगा, जिससे किसान बर्बाद हो जाएंगे।

सोरतापवाडी की सरपंच मनीषा नवनाथ चौधरी ने कहा है कि सोरतापवाड़ी के ग्रामीणों ने 8 से 10 साल पहले जनभागीदारी से नहर के चारों ओर देशी पेड़ लगाए थे। इस काम के कारण इन पेड़ों को काटना पड़ेगा, जिससे गांव का पर्यावरण खराब हो जाएगा। ग्रामसभा में भी इस पर चर्चा हुई और सभी ग्रामीणों ने इस काम का विरोध किया।

किसान भाऊसाहेब चौधरी ने कहा है कि इस काम के कारण, रिसाव का पानी बंद होने से हवेली तहसील में सूखे की आशंका है और किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर निजी बोरवेल पर भी पड़ेगा और भविष्य में पूर्वी हवेली में पानी की कमी महसूस होगी।

मरम्मत कर गाद हटाने से रुकेगा पानी का रिसाव

हवेली तहसील में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी। इसका असर निजी बोरवेल पर भी पड़ेगा और भविष्य में पूर्वी हवेली में पानी की किल्लत बढ़ जाएगी। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण नहर में जलकुंभी बढ़ गई है, जिससे पानी आगे नहीं जा पा रहा है। उनका कहना है कि सीमेंट समतलीकरण करने के बजाय, नहर की सफाई और मरम्मत की जाए तो पानी का बहाव ठीक हो जाएगा। किसान अशोक चौधरी और सुभाष कड ने कहा कि सिंचाई विभाग का कहना है कि सीमेंट समतलीकरण से पानी का रिसाव रुकेगा। लेकिन अगर नहर की मरम्मत कर उसमें से गाद (silt) निकाल दी जाए, तो भी पानी का रिसाव रुक जाएगा।

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