Surendra Pathare:पूर्व पुणे में नगर निगम चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया) 
पुणे

पूर्व पुणे में पठारे दंपती की धमाकेदार जीत, सुरेंद्र पठारे की लीडरशिप पक्की, NCP के गढ़ में BJP का बोलबाला

BJP Victory Pune: पूर्व पुणे में नगर निगम चुनाव के नतीजों ने बड़ा राजनीतिक बदलाव दिखाया, जहां सुरेंद्र पठारे के नेतृत्व में BJP ने NCP के गढ़ में जीत दर्ज कर नई ताकत साबित की।

आंचल लोखंडे

East Pune Politics: ईस्ट पुणे की राजनीति में इस साल के नगर निगम चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सुरेंद्र पठारे ने ईस्ट पुणे में अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए NCP के पारंपरिक गढ़ वडगांव शेरी, वाघोली और यरवदा में BJP का कमल खिलाया है। इस जीत के साथ ही सुरेंद्र पठारे की लीडरशिप भी पक्की मानी जा रही है।

चुनाव से ठीक पहले BJP में शामिल हुए सुरेंद्र पठारे ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि दोनों पैनलों का नेतृत्व करते हुए राजनीतिक गलियारों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा। उनकी इस सफलता के पीछे मजबूत रणनीति, बेहतर संगठनात्मक क्षमता और प्रभावी जनसंपर्क की अहम भूमिका रही।

सुरेंद्र पठारे के रूप में BJP का कमल खिला

इस चुनाव में BJP ने NCP के गढ़ रहे इस इलाके पर विशेष फोकस किया था। पार्टी ने नए चेहरों और युवा नेतृत्व को आगे लाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश की। चुनाव से पहले सुरेंद्र पठारे को पार्टी में शामिल कर BJP ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला, जो पूरी तरह सफल रहा। पार्टी ने वार्ड क्रमांक 3 और 4 की पूरी जिम्मेदारी सुरेंद्र पठारे को सौंपी थी।

जमीनी स्तर पर काम

शिक्षित, उद्यमी और दूरदृष्टि रखने वाले सुरेंद्र पठारे ने जमीनी स्तर पर काम करते हुए मतदाताओं का विश्वास जीता। उन्होंने ईस्ट पुणे के विकास का स्पष्ट मॉडल जनता के सामने रखा। सुरेंद्र पठारे ने न केवल पार्टी की जिम्मेदारी निभाई, बल्कि अपनी पत्नी ऐश्वर्या पठारे और पूरे पैनल को भारी बहुमत से विजयी भी बनाया। इससे साफ हो गया कि पठारे परिवार की राजनीति में एंट्री केवल औपचारिक नहीं, बल्कि प्रभावशाली रही है।

चुनाव में शानदार प्रदर्शन

जब ईस्ट पुणे में BJP की स्थिति सीमित मानी जा रही थी, तब सुरेंद्र पठारे की यह जीत पार्टी के लिए मील का पत्थर साबित हुई है। इन नतीजों ने न केवल स्थानीय राजनीति, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए भी BJP की रणनीति को नई मजबूती दी है। राजनीति में नए होने के बावजूद सुरेंद्र पठारे ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए “ईस्ट पुणे के नए नेता” के रूप में अपनी पहचान बना ली है।

मजबूत संगठन निर्माण

सुरेंद्र पठारे ने जीत के बाद कहा कि ईस्ट पुणे के मतदाताओं से सीधा संवाद, स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित योजना और युवाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत संगठन निर्माण उनकी जीत की सबसे बड़ी वजह रही। वार्ड क्रमांक 3 और 4, जो शहर से जुड़े नए गांवों से बने हैं, वहां BJP ने पहली बार सुरेंद्र पठारे के नेतृत्व में 8 उम्मीदवारों को विजयी बनाया है।

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