Pune Water Rules: पुणे जिले के शिरूर तालुका स्थित वडगांव रासाई गांव में सिंचाई विभाग की नहर को अवैध रूप से काटकर साइफन पाइपलाइन के जरिए पानी मोड़ने का मामला सामने आया है। इस घटना से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार सरकारी संपत्ति को करीब 1 लाख 31 हजार 750 रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में वडगांव रासाई निवासी सुशांत अशोक शेलार के खिलाफ शिरूर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
सिंचाई विभाग में नहर निरीक्षक के पद पर कार्यरत प्राजक्ता विठ्ठल वाठे की शिकायत के अनुसार, 14 जुलाई 2026 की शाम करीब पांच बजे आरोपी ने विभाग से पूर्व अनुमति लिए बिना नहर में अवैध रूप से कट लगाकर पाइपलाइन आधारित साइफन प्रणाली स्थापित कर दी। इसके जरिए नहर के प्राकृतिक जल प्रवाह को बदलकर पानी का अनधिकृत उपयोग किया गया, जिससे नहर की संरचना को नुकसान पहुंचा।
सिंचाई विभाग का कहना है कि इस तरह नहर का पानी मोड़ने से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान होता है, बल्कि नहर पर निर्भर अन्य किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। विभाग ने इसे सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग का गंभीर मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
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शिरूर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), महाराष्ट्र सिंचन अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील के मार्गदर्शन में पुलिस हवलदार गवली मामले की जांच कर रहे हैं।
घटना के बाद क्षेत्र में नहरों की सुरक्षा और अवैध पाइपलाइन के जरिए जल दोहन को लेकर चिंता बढ़ गई है। किसानों ने सिंचाई विभाग से नियमित निरीक्षण अभियान चलाने, नहरों की निगरानी बढ़ाने और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अवैध रूप से पानी मोड़ने की घटनाएं नहीं रुकीं तो सिंचाई व्यवस्था और किसानों के हित दोनों प्रभावित होंगे।