पाइपलाइन टूटी, पानी की किल्लत-नागपुर के बेसा में ठप पड़ा ड्रेनेज लाइन प्रोजेक्ट; ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप

Nagpur Drainage Project Delay: नागपुर के बेसा में ड्रेनेज लाइन का काम अधूरा छोड़ने से लोगों को पानी की किल्लत और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है, नागरिकों में नाराजगी बढ़ी।
Pipeline Bursts, Water Scarcity—Drainage Line Project Stalled in Nagpur's Besa; Contractor Accused of Negligence
नागपुर ड्रेनेज समस्या(सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Water Supply Problem: बेसा प्रभाग क्रमांक 4 स्थित दत्तधाम नगर में एमएमआरडीए के तहत शुरू की गई 1400 मिमी ड्रेनेज लाइन का काम अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। रहवासियों ने ठेकेदार की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कुछ दिन पहले इस परियोजना की शुरुआत बड़े स्तर पर की गई थी।

सड़क खोदकर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया, पुरानी ड्रेनेज लाइन तोड़ी गई और कई स्थानों पर पानी की पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते सड़कों पर गंदा पानी जमा हो गया और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

नागरिकों का आरोप है कि 25 दिनों में केवल 60-65 फीट पाइपलाइन ही बिछाई गई, जिससे काम की गति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल ठेकेदार ने अपनी मशीनें और मजदूर हटा लिए हैं, जिससे काम पूरी तरह बंद पड़ा है।

बार-बार पाइपलाइन टूटने के कारण नागरिकों को 15-20 दिनों तक पानी की किल्लत झेलनी पड़ी। अभी भी कई घरों में कम दबाव से पानी की आपूर्ति हो रही है।

बारिश से पहले खतरे की आशंका

अधूरी खुदाई और खुली ड्रेनेज के कारण बारिश के मौसम में गंदगी, दुर्गंध और डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही सड़क धंसने और दुर्घटनाओं का भी खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए और बारिश से पहले काम को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए, नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ऐसी जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत गणोरकर ने दी।

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