पुणे की शिवाजीनगर अदालत में सुनवाई के दौरान नौ लोगों ने हंगामा और धक्कामुक्की की।
पुलिसकर्मियों और न्यायालयीन कर्मचारियों से भी धक्कामुक्की का आरोप है।
अदालत ने प्रत्येक पर ₹1,000 जुर्माना लगाया, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज किया।
Pune Court Ruckus Shivajinagar Police Station: महाराष्ट्र के पुणे में शिवाजीनगर स्थित प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अदालत में शुक्रवार (30 अक्टूबर) को सुनवाई के दौरान हंगामे का मामला सामने आया। अदालत कक्ष में कुछ लोगों के बीच गाली-गलौज और धक्कामुक्की हुई। बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिसकर्मियों और न्यायालयीन कर्मचारियों के साथ भी धक्कामुक्की की गई।
इस घटना से अदालत की कार्यवाही प्रभावित हुई। मामले में अदालत ने नौ लोगों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, शिवाजीनगर पुलिस ने सभी नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अदालत क्रमांक-1 में समर्थ पुलिस थाने से संबंधित आरसीसी प्रकरण क्रमांक 6264/2025 की सुनवाई निर्धारित थी। यह मामला महाराष्ट्र सरकार बनाम प्रशांत नामदेव पवार व अन्य से जुड़ा है।
शुक्रवार सुबह करीब 11.50 बजे न्यायाधीश एक अन्य मामले में आदेश पारित कर रहे थे। इसी दौरान संबंधित मामले के शिकायतकर्ता, आरोपी और उनके परिजन अदालत कक्ष में पहुंच गए। यहां उनके बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और धक्कामुक्की में बदल गया।
इस घटना में नामदेव उमाजी पवार, प्रशांत नामदेव पवार, शांता नामदेव पवार, सोपान विठ्ठल चव्हाण, अमित विलास पवार, आशा गोरखनाथ चव्हाण, सविता लहू चव्हाण, लहू नारायण चव्हाण और प्रांजल लहू चव्हाण शामिल बताए गए हैं।
विवाद शांत कराने के लिए पुलिसकर्मी और न्यायालयीन कर्मचारी आगे आए, लेकिन उनके साथ भी धक्कामुक्की की गई। इससे अदालत में चल रही न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हुई।
अदालत ने घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित नौ लोगों को दोषी ठहराया और प्रत्येक पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में प्रत्येक को एक महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी।
पुणे शहर शिवाजीनगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 267, 189(2), 190, 191(1), 191(2) और 194(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरीशकुमार दिघावकर ने मामले की पुष्टि की है।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट