Rohit Pawar Sunetra Pawar Victory Margin: बारामती विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए आज हो रहे मतदान के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। पिंपली गांव में अपना वोट डालने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए रोहित पवार ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जीत का न केवल दावा किया, बल्कि 2.5 लाख वोटों का एक सटीक आंकड़ा भी पेश कर दिया।
रोहित पवार ने मतदाताओं से अपील की कि भले ही उनके नाम दूर के बूथों पर आए हों, लेकिन वे अजित दादा के प्रति अपने प्रेम और आदर के लिए घर से बाहर निकलें और मतदान करें। उन्होंने कहा, "दादा के कार्यकर्ता हर जगह लोगों की सहायता के लिए मौजूद हैं। चाहे बूथ कितनी भी दूर क्यों न हो, सुनेत्रा काकी को भारी बहुमत से जिताने के लिए अपना वोट जरूर डालें।"
अजित पवार के निधन के बाद हो रहे इस पहले चुनाव में रोहित पवार काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि वे कैसे साइकिल रैलियों के जरिए दादा और शरद पवार साहब के लिए प्रचार किया करते थे। रोहित ने कहा, "अजित दादा अपने भाषणों में जितने सख्त दिखते थे, असल में वे दिल से उतने ही नरम थे। वे हमेशा मुझसे बड़े लाड़ से पूछते थे, 'चिरंजीव, काय चाललंय?' (बेटा, क्या चल रहा है?)।"
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राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा थी कि क्या रोहित पवार भविष्य में बारामती सीट से चुनाव लड़ेंगे। इस पर विराम लगाते हुए रोहित ने स्पष्ट किया कि उनकी कर्मभूमि कर्जत-जामखेड ही रहेगी। उन्होंने कहा, "मैंने 2019 में कर्जत-जामखेड से चुनाव लड़ा और 2029 में भी मैं वहीं से चुनाव लड़ूंगा। 2024 में भी मुझे रोकने के लिए भारी वित्तीय बल का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन मैं तीसरी बार भी वहीं की जनता की सेवा करूंगा।"
रोहित पवार ने विश्वास जताया कि बारामती की जनता अजित पवार द्वारा किए गए विकास कार्यों और सुनेत्रा पवार के प्रति अपनी सहानुभूति को वोट में तब्दील करेगी। उनके अनुसार, 2.5 लाख वोटों का अंतर यह साबित कर देगा कि बारामती का गढ़ आज भी पवार परिवार के प्रति अटूट निष्ठा रखता है। फिलहाल, मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।