Rohit Pawar Sahakari Sanstha: पुणे में सहकारिता आंदोलन को एक नई दिशा देने और इसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्यभर में 29 जून से 6 जुलाई तक 'सहकार सप्ताह' मनाया जा रहा है।
इसी सिलसिले में महाराष्ट्र राज्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था एवं अपार्टमेंट्स महासंघ की ओर से बीएमसीसी महाविद्यालय में 'युवा सहकारी संस्था' का शानदार शुभारंभ किया गया। इस विशेष संस्था का उद्घाटन एनसीपी (शरद पवार) गुट के प्रमुख विधायक रोहित पवार के हाथों किया गया। इस मौके पर उन्होंने सहकारिता और आधुनिक समाज को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रोहित पवार ने कहा कि सबको साथ लेकर समाज का समग्र विकास करना ही लोकतंत्र का असली और मूल सिद्धांत है। इसी खूबसूरत विचारधारा के साथ हमारे देश और राज्य में सहकार आंदोलन की मजबूत नींव रखी गई थी। यही कारण है कि सहकार और लोकतंत्र को एक-दूसरे का पूरक सिद्धांत माना जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज के आधुनिक दौर में जिस 'शेयरिंग इकोनॉमी' की अवधारणा की पूरी दुनिया में खूब चर्चा हो रही है, उसके मूल सिद्धांत हमारे सहकार आंदोलन में लगभग सौ वर्ष पहले से ही मौजूद हैं।
रोहित पवार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अगर सहकारिता क्षेत्र को और अधिक मजबूत और प्रासंगिक बनाना है, तो इसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग करना होगा। इसके साथ ही युवाओं के नए विचारों को बढ़ावा देना और इस क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र राज्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था एवं अपार्टमेंट्स महासंघ द्वारा शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में किए जा रहे महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान की जमकर तारीफ की।
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इस गरिमामयी अवसर पर महासंघ के अध्यक्ष सुहास पटवर्धन और बीएमसीसी महाविद्यालय के प्राचार्य दिलीप पौडेल मुख्य रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा युवा सहकारी संस्था के मुख्य प्रवर्तक भीम बलकवड़े, उपाध्यक्ष सुभाष कर्णिक, और सचिव मनीषा कोष्टी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। साथ ही एडवोकेट प्रसाद परब, चारुहास कुलकर्णी, अरुण निम्हण और प्रथमेश आवनावे सहित सचिन इटकर और कई अन्य गणमान्य पदाधिकारी इस प्रेरक आयोजन का गवाह बनने के लिए वहां मौजूद रहे।