विधायक रोहित पवार और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (सोर्स: डिजाइन फोटो)
पुणे

आज पुणे में MPSC छात्रों की हुंकार, राहुल गांधी बोले- बढ़ेगी आक्रोश की गूंज; रोहित पवार भी मैदान में

Rahul Gandhi MPSC Protest: महाराष्ट्र में MPSC छात्रों के आंदोलन पर राहुल गांधी ने महायुति सरकार को चेताया। आज पुणे में छात्रों, शिक्षकों और आम लोगों का आक्रोश मोर्चा आयोजित किया जा रहा है।

आलोक उमाकृष्ण

Rohit Pawar And Rahul Gandhi Warns Government: महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं और एमपीएससी (MPSC) परीक्षा प्रक्रिया को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों की मांगों को तत्काल स्वीकार करने की मांग की है।

राहुल गांधी ने कहा कि राज्य में हजारों छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को उनकी आवाज गंभीरता से सुननी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनके आक्रोश की गूंज लगातार बढ़ती जाएगी।

राहुल गांधी ने कहा कि वह छात्रों के साथ खड़े हैं और जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, तब तक चुप नहीं बैठेंगे। उनके मुताबिक महाराष्ट्र में चल रहा आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह छात्रों और पूरी परीक्षा व्यवस्था के बीच लगातार कमजोर होते भरोसे का संकेत है। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को समझने और तत्काल समाधान निकालने की अपील की।

MPSC छात्रों के समर्थन में आज पुणे में आक्रोश मोर्चा

छात्रों के आंदोलन के तहत आज 7 सितंबर को पुणे में आक्रोश मोर्चा निकाला जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस मोर्चे में एमपीएससी के उम्मीदवारों के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाले शिक्षक और आम नागरिक भी शामिल होंगे।

आंदोलन के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि वे कई वर्षों तक मेहनत और आर्थिक संसाधन खर्च कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

ऐसे में प्रश्नपत्र लीक या परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से उनका भविष्य प्रभावित होता है। यही वजह है कि छात्र परीक्षा व्यवस्था में भरोसा कायम करने के लिए ठोस और स्थायी सुधार की मांग कर रहे हैं। सोमवार को होने वाले पुणे के आक्रोश मोर्चे को इसी आंदोलन की अगली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

सरकार के सामने बड़ी चुनौती

MPSC परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों में बढ़ती नाराजगी के बीच अब सरकार पर दबाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। छात्रों और शिक्षकों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा के आयोजन तथा परिणाम जारी होने तक हर स्तर पर सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

आंदोलनकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ता है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी के बयान के बाद इस मुद्दे पर सियासी बहस भी तेज हो गई है। सरकार के सामने अब छात्रों की नाराजगी दूर करने और परीक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा बहाल करने की चुनौती है।

सोमवार को पुणे में होने वाला आक्रोश मोर्चा इस आंदोलन की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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