पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड से सटे तलेगांव दाभाडे (Talegaon Dabhade) में दिनदहाड़े पिस्तौल की नोंक पर की गई डकैती (Robbery) की वारदात को क्राइम ब्रांच यूनिट-3 (Pimpri-Chinchwad Crime Branch Unit-3) की टीम ने सुलझा लिया है। एक किराना व्यापारी के घर से 24 तोला सोने के जेवरात और नकदी लूटने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे 12 चेन स्नेचिंग की वारदातों का खुलासा हो चुका है और पुलिस ने दो पिस्टल, 22 जिंदा कारतूस, 43 तोला सोने के आभूषण करीबन 25 लाख का माल बरामद किया हैं। डकैती की यह वारदात होटल व्यवसाय शुरु करने के लिए की गई थी।
क्राइम ब्रांच यूनिट-3 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेश गायकवाड़ से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अमर हरिदास दहतोंडे, अनिल गोरखनाथ मस्के, राजू रविशंकर यादव, सोपान अर्जुन धवले, प्रशांत राजू काकड़े शामिल हैं। सभी आरोपी शातिर बदमाश है। राजू रविशंकर यादव अलीबाग पुलिस में दर्ज मामले में 8 साल से जेल में बंद था। मकोका के मामले में वह 2020 में जमानत पर बाहर आया था। अनिल मस्के के खिलाफ पनवेल थाने में हत्या का मामला दर्ज है। वह भी फिलहाल जमानत से बाहर हैं। पिंपरी-चिंचवड पुलिस की सीमा में अनिल मस्के और अमर दहतोंडे के खिलाफ चेन स्नेचिंग का मामला दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक,10 जनवरी को पिस्टल से लैस पांच अज्ञात लोगों ने तलेगांव के एक घर में 10 जनवरी को लूटपाट की और 24 तोला सोने के गहने,नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। इस बारे में तलेगांव थाने में मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-3 की पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी।
गिरफ्तार आरोपियों में से दो आरोपी वारदात के बाद लगातार कुछ दिन एक अंडा भुर्जी के ठेले पर जाते रहे, वहां भुगतान करने के लिए करारी नोट देते। मुखबिर से इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उस ठेले पर से दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकारी। वे होटल शुरू करने के लिए धन जुटाने की कोशिश में थे। यह पता चलने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। किराना व्यापारी पहले गुटखा तस्करी करता था, इसलिए उसके पास काफी काला धन है, इस शक में उन्होंने कारोबारी के घर पर डकैती की योजना बनाई थीं, यह भी सामने आया है।