Purandar Airport Land Acquisition News: पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए 70-75% भूमि अधिग्रहण के प्रशासनिक दावे को स्थानीय किसानों ने चुनौती दी है।
किसानों का कहना है कि यदि 2100 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ है, तो प्रति एकड़ 1.61 करोड़ रुपये की दर से 2481 करोड़ के बजाय केवल 1000 करोड़ रुपये का मुआवजा क्यों बांटा गया?
यह राशि केवल 621 एकड़ के लिए ही पर्याप्त है। किसानों का आरोप है कि सहमति देने वालों में स्थानीय लोगों से ज्यादा बाहरी निवेशक शामिल हैं और कई किसानों के बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं।
इस बीच, भूमि अभिलेखों और लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए आज, 22 जून को सासवड के प्रांत कार्यालय में एक विशेष कैंप लगाया जा रहा है। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी की उपस्थिति में इन मामलों का मौके पर समाधान किया जाएगा। हालांकि, किसानों ने साफ किया है कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे और आखिरी दम तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
हालांकि प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद किसान अपने रुख पर कायम हैं। उनका कहना है कि वे अपनी कृषि भूमि परियोजना के लिए नहीं देंगे और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। किसानों का दावा है कि जब तक उनकी सभी आपत्तियों और मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और विरोध जारी रहेगा।
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पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा योजनाओं में से एक मानी जा रही है। लेकिन भूमि अधिग्रहण को लेकर जारी विवाद और किसानों के विरोध के चलते परियोजना की प्रगति पर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और किसानों के बीच होने वाली आगामी बातचीत और कानूनी प्रक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।