आयुक्त नवल किशोर राम व अन्य (फोटो नवभारत)
पुणे

पुणे में पानी कटौती की तैयारी, स्थानीय निकायों को 20% कमी के निर्देश, मनपा क्षेत्र में 25% कटौती का प्रस्ताव

Pune Water Cut Plan: अल-नीनो और घटते जल भंडार की आशंका के बीच पुणे जिले के स्थानीय निकायों को 20% पानी कटौती की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। शहर में 25% कटौती का प्रस्ताव है।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • पुणे जिले के स्थानीय निकायों को 20% पानी कटौती की तैयारी के निर्देश।

  • पुणे शहर में 25% कटौती और एक दिन छोड़कर जलापूर्ति का प्रस्ताव।

  • पानी चोरी रोकने के लिए संयुक्त उड़नदस्ते बनेंगे; पेयजल को प्राथमिकता मिलेगी

El Nino In Maharashtra: अल-नीनो के संभावित प्रभाव और जल भंडार में कमी को देखते हुए पुणे जिले की सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को 20 प्रतिशत पानी कटौती की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

आगामी 31 अगस्त 2027 तक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जल भंडार के नियोजन और उपयोग की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील, जलसंपदा विभाग के मुख्य अभियंता अमोल कोल्हे, अधीक्षक अभियंता पृथ्वीराज फालके तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पुणे में 25% कटौती का प्रस्ताव

बैठक में बताया गया कि खडकवासला परियोजना में 15 अक्टूबर 2026 तक मृत भंडार, वाष्पीकरण और बफर स्टॉक को छोड़कर करीब 20 टीएमसी पानी उपलब्ध है। यह भंडार सामान्य वर्षों की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत कम है। वहीं, वापसी की बारिश नहीं होने से जल उपलब्धता पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

ऐसे में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी का प्राथमिकता के आधार पर इस्तेमाल करना होगा। जलसंपदा विभाग ने पुणे शहर में पानी की खपत को नियंत्रित करने के लिए 25 प्रतिशत कटौती की आवश्यकता जताई है। अधीक्षक अभियंता पृथ्वीराज फालके ने शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करने का प्रस्ताव भी रखा।

गर्मी में सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद कम

पवना, भामा आसखेड, चासकमान और नीरा प्रणाली की परियोजनाओं में 90 से 95 प्रतिशत जल भंडार उपलब्ध है। इसके बावजूद 31 अगस्त 2027 तक जलापूर्ति बनाए रखने के लिए सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को 20 प्रतिशत पानी कटौती के अनुरूप नियोजन करने को कहा गया है।

उपलब्ध जल भंडार को देखते हुए रबी सीजन के लिए सिंचाई का पानी दिया जाएगा। हालांकि, पूरे साल की जरूरतों का नियोजन करने के बाद गर्मी के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी बचने की संभावना कम है। इसलिए ग्रीष्मकालीन सिंचाई का आवर्तन देना संभव नहीं होगा।

पानी चोरी रोकने के लिए संयुक्त दल

अवैध जल उपसा रोकने के लिए राजस्व, महा-वितरण, पुलिस और जलसंपदा विभाग के संयुक्त उड़नदस्ते बनाए जाएंगे। अवैध रूप से पानी खींचने के लिए इस्तेमाल होने वाले पंप और मोटर जब्त किए जाएंगे। पानी चोरी पाए जाने पर संबंधितों का बिजली कनेक्शन काटने की भी कार्रवाई की जाएगी।

जरूरत पड़ने पर पुलिस बंदोबस्त और प्रतिबंधात्मक उपाय भी किए जाएंगे। पुणे जिले के जिलाधिकारी डुडी ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय से काम करने, जल भंडार का नियोजित उपयोग करने और पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट

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