पुणे में छोटे भूखंडों पर बढ़ते निर्माण के बीच अतिरिक्त FSI नियमों पर पुनर्विचार की मांग।
भाजपा नगरसेवक पुनीत जोशी ने मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिखा।
15 हजार वर्गफुट से बड़े भूखंडों और क्लस्टर डेवलपमेंट को बढ़ावा देने का सुझाव।
Pune Small Plot Construction FSI Provisions: पुणे शहर में छोटे भूखंडों पर निर्माण क्षमता बढ़ने से आवासीय इमारतों और फ्लैटों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हालांकि, इसके अनुपात में सड़क, पार्किंग, जलापूर्ति, ड्रेनेज और अग्निसुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं होने की चिंता जताई जा रही है।
इस मुद्दे पर भाजपा नगरसेवक और शहर सुधार समिति के सदस्य पुनीत जोशी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
पुनीत जोशी के अनुसार, यूनिफाइड डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेग्युलेशन्स (UDCPR) के तहत छोटे भूखंडों पर भी अधिक निर्माण की अनुमति मिल रही है। इससे सीमित क्षेत्र में रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है, जबकि उपलब्ध नागरिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
उन्होंने पुणे शहर के कोथरूड स्थित आइडियल कॉलोनी का उदाहरण देते हुए बताया कि पहले पांच से छह गुंठे के भूखंडों पर बनी इमारतों में लगभग 12 से 14 फ्लैट होते थे। अब नई नियमावली के तहत इसी आकार के भूखंडों पर 40 से 45 फ्लैट बनाने की क्षमता होने की बात सामने आई है।
जोशी का कहना है कि यदि निर्माण क्षमता बढ़ती है, तो उसके अनुरूप बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करना भी जरूरी है। अधिक फ्लैट बनने से सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ सकती है। इसके साथ ही पार्किंग, जलापूर्ति, जलनिकासी और अग्निशमन व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है।
उन्होंने सुझाव दिया कि अतिरिक्त FSI का लाभ देने के लिए भूखंड के आकार और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि अनियोजित विकास से बचा जा सके।
भाजपा नगरसेवक ने प्रस्ताव दिया है कि बढ़े हुए FSI का लाभ देने के मामले में कम से कम 15 हजार वर्गफुट से बड़े भूखंडों को प्राथमिकता देने पर विचार किया जाए। उनके अनुसार, बड़े भूखंडों पर नियोजित निर्माण से नागरिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
जोशी ने छोटे भूखंडों को एक साथ जोड़कर विकास करने वाली क्लस्टर डेवलपमेंट योजना को प्रोत्साहित करने का भी सुझाव दिया। इससे खुली जगह, आंतरिक सड़कें, पार्किंग और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की बेहतर योजना बनाई जा सकती है।