आरएमसी प्लांटों पर कार्रवाई से पुणे आरएमसी एसोसिएशन नाराज।
एसोसिएशन ने एसओपी जारी होने तक तोड़फोड़ रोकने की मांग की।
कार्रवाई से उद्योगों, मजदूरों के रोजगार और आजीविका पर असर की चिंता।
Pune RMC Plants Demolition: पुणे महानगरपालिका (मनपा) की ओर से रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर पुणे RMC एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। एसोसिएशन का आरोप है कि उद्योग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी होने तक तोड़फोड़ नहीं करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद बावधन और सिंहगढ़ रोड क्षेत्र में कार्रवाई की गई। संगठन ने कहा कि इससे उद्यमियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और मजदूरों के रोजगार पर भी संकट पैदा हो सकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप पोपटाव वाल्हेकर के अनुसार, 9 मई को जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी और पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम की उपस्थिति में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें RMC उद्योग के लिए SOP जारी होने और लागू होने तक तोड़फोड़ नहीं करने का आश्वासन दिया गया था। एसोसिएशन का कहना है कि प्रक्रिया सार्वजनिक होने से पहले कार्रवाई किए जाने से प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
एसोसिएशन ने मांग की है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीधे तोड़फोड़ करने के बजाय संबंधित प्लांट को सील करने, उत्पादन रोकने और खामियां दूर करने का अवसर देने जैसे विकल्प अपनाए जाएं। संगठन ने प्रत्येक कार्रवाई का कारण और कानूनी आधार स्पष्ट करने के साथ अब तक हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।
पुणे एसोसिएशन के मुताबिक, पिछले डेढ़ वर्ष से परिवहन प्रतिबंधों, वाहनों के परिचालन पर समय संबंधी पाबंदियों और अन्य समस्याओं के कारण उद्योग आर्थिक दबाव झेल रहा है। उत्पादन और बिक्री में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने के बावजूद बिजली, मशीनों के रखरखाव, कर्मचारियों के वेतन और बैंक ऋण की किस्तों का खर्च जारी है। इससे मजदूरों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने में भी कठिनाइयां आ रही हैं।
एसोसिएशन ने कहा कि त्योहारों के दौरान प्लांटों पर कार्रवाई से उद्यमियों के साथ मजदूरों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। संगठन का कहना है कि उद्योग बंद करने के बजाय स्पष्ट नियम तय किए जाएं और उन्हें सभी प्लांटों पर समान रूप से लागू किया जाए।
एसोसिएशन ने SOP तत्काल सार्वजनिक करने, तब तक पहले दिए गए आश्वासन का पालन करने और उद्योग प्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाने की मांग की है। संगठन के अनुसार, पर्यावरणीय नियमों, परिवहन प्रतिबंधों और व्यावसायिक समस्याओं को ध्यान में रखकर व्यावहारिक कार्यप्रणाली तय की जानी चाहिए। एसोसिएशन ने प्रशासन से कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों से संवाद करने और नियमों का पालन करने वाले उद्योगों को कारोबार जारी रखने का अवसर देने की अपील की है।
- पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट