Pune Police 33 Hours Duty Safe Ganesh Visarjan: पुणे गणेशोत्सव 2026 का ऐतिहासिक विसर्जन जुलूस लगातार 33 घंटे और 33 मिनट तक चलने के बाद शांतिपूर्वक और सुरक्षित रूप से संपन्न हो गया है। इस विशाल आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुणे शहर पुलिस के जवान और अधिकारी 32 से अधिक घंटों तक बिना थके, बिना रुके लगातार सड़कों पर तैनात रहे।
पुणे शहर पुलिस ने इस अनवरत सेवा पर गर्व व्यक्त करते हुए संदेश दिया कि कर्तव्य की कोई समय सीमा नहीं होती।
पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के अनुसार, शनिवार शाम लगभग 6:15 बजे तिलक चौक से अंतिम गणपति प्रतिमा के गुजरने के साथ ही मुख्य विसर्जन जुलूस का समापन हुआ।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विसर्जन जुलूस कितने घंटे चला, यह उनके लिए प्राथमिकता का विषय नहीं था। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि 12 दिनों के इस भव्य उत्सव के दौरान उमड़ी भारी भीड़ सुरक्षित तरीके से आवाजाही कर सके और कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो। मध्य पुणे में अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए किसी भी प्रकार की भगदड़ जैसी स्थिति को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
इस वर्ष पुणे पुलिस के सामने भीड़ प्रबंधन की सबसे बड़ी चुनौती पुणे मेट्रो सेवाएं बनीं। विसर्जन के दिन केवल एक ही दिन में लगभग 6 लाख से अधिक लोगों ने मेट्रो से यात्रा की, जिससे मध्य पुणे के विसर्जन मार्गों पर अचानक भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए।
मेट्रो के कारण मुख्य मार्गों पर श्रद्धालुओं का दबाव काफी बढ़ गया था। हालांकि, पुणे पुलिस की पूर्व योजना, संवेदनशील इलाकों में विशेष पुलिस बल की तैनाती और विभिन्न प्रशासनिक विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय की बदौलत स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रही।
पुणे पुलिस ने न केवल सुरक्षा बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को भी निर्बाध बनाए रखा। विसर्जन जुलूस के दौरान तिलक चौक पर भारी भीड़ मौजूद होने के बावजूद 33 एंबुलेंसों को सुरक्षित रास्ता देकर निकाला गया।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस पूरे 33 घंटे लंबे आयोजन में कोई भी बड़ी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की शिकायत दर्ज नहीं की गई। गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं, ढोल-ताशा पथकों और स्वयंसेवकों ने पुलिस व्यवस्था का पूरा पालन करते हुए अपना सहयोग दिया।
गणेश विसर्जन की शुरुआत शुक्रवार, 25 सितंबर को सुबह 9:45 बजे पुणे के प्रसिद्ध पांच मानाचे गणपति के साथ हुई थी। लक्ष्मी रोड, तिलक रोड, कुमठेकर रोड और केलकर रोड जैसे मुख्य मार्गों से होते हुए प्रतिमाएं अलका टॉकीज चौक की ओर बढ़ीं। शहर में यातायात के दबाव को कम करने के लिए पुलिस ने भारी वाहनों के प्रवेश पर 48 घंटे का कड़ा प्रतिबंध लागू किया था।
पुणे पुलिस के इस अभूतपूर्व और अनुशासित प्रयास की आम नागरिकों और पुणे नगर निगम प्रशासन ने भी सराहना की है।