Pune News In Hindi: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) में सत्ता स्थापित करने के लिए कांग्रेस को नजरअंदाज करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए संभव नहीं है। यह कड़ा रुख कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यमंत्री विधायक विश्वजीत कदम ने अपनाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी मनपा चुनाव में और उसके सहयोगी दल निर्णायक भूमिका और उनके बिना सत्ता का समीकरण अधूरा रहेगा। पुणे मनपा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार परिषद में कदम बोल रहे थे।
इस दौरान शहर कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी अजित दरेकर, विरेंद्र किराड, अमीर शेख, यशराज पारखी, सुनील शिंदे, प्राची दुधाने और अन्य प्रमुख नेता भी उपस्थित थे। कदम ने सत्ताधारी महायुति (भाजपा शिवसेना-एनसीपी) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर चल रहा अंतर्विरोध जनता के सामने एक 'राजनीतिक नाटक' मात्र है।
उन्होंने कहा कि महायुति के नेता निचले स्तर पर एक-दूसरे की आलोचना करते हैं, लेकिन सत्ता के मोह में ऊपर साथ बने हुए हैं। यह दोगलापन है, जो पुणे की जनता के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। चुनाव टलने के कारण शहर में लंबे समय से प्रशासक राज है, जिसका फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है।
भाजपा नेताओं के दावों पर पलटवार करते हुए कदम ने कहा कि सरकारी तिजोरी पर किसी पार्टी का नहीं, बल्कि जनता का अधिकार है। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि किसानों की कर्जमाफी को नजरअंदाज कर केवल चुनावी लाभ के लिए 'लाडली बहन' जैसी योजनाओं का प्रचार करना गैर-जिम्मेदाराना है। यदि सरकार के पास फंड है, तो किसानों को राहत क्यों नहीं दी जा रही? विश्वजीत कदम ने कहा कि वे सांगली से विधायक हैं और भविष्य में भी वहीं से चुनाव लड़ेगे, लेकिन पुणे में कांग्रेस को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है।