पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

पुणे मनपा में प्रशासक राज खत्म, नगरसेवकों की वापसी के साथ पसंदीदा अधिकारियों की मांग तेज

Pune Municipal Corporation में नए महापौर के साथ प्रशासक राज खत्म होते ही नगरसेवक सक्रिय हो गए हैं। प्रभागों में विकास कार्यों को गति देने के लिए पसंदीदा जूनियर इंजीनियर की तैनाती की मांग तेज हो गई है।

अपूर्वा नायक

PMC New Mayor Councilors: पुणे महानगर पालिका में नए महापौर की नियुक्ति के साथ ही प्रशासक राज का अंत हो चुका है। करीब साढ़े तीन साल बाद फिर से सत्ता नगरसेवकों के हाथों में आ गई है।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नगरसेवकों ने अपने-अपने प्रभागों में सक्रिय रूप से काम शुरू कर दिया है। नागरिकों की समस्याएं सुनकर प्रशासन को निर्देश दिए जा रहे हैं और विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

इसी बीच प्रभागों में कार्यों को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए नगरसेवकों ने "अपने भरोसेमंद" जूनियर इंजीनियर और सहायक स्वास्थ्य निरीक्षक की तैनाती के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।

पसंदीदा अधिकारियों की अपने क्षेत्रीय कार्यालय में नियुक्ति हो, इसके लिए प्रशासन को पत्र भी लिखे जा रहे हैं। इससे प्रशासन के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। नगरसेवकों को 'स' सूची के जरिए मिलने वाला बड़ा फंड प्रभाग स्तर पर खर्च किया जाता है। इस फंड का सही उपयोग और कार्यों का समय पर पूरा होना सुनिश्चित करने में क्षेत्रीय कार्यालय का जूनियर इंजीनियर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नगरसेवकों के संपर्क में अभियंता

ड्रेनेज, जलापूर्ति, सड़क, विद्युत व्यवस्था और भवन निर्माण जैसे कार्यों में जूनियर इंजीनियर की तकनीकी दक्षता अहम मानी जाती है। विशेष रूप से खर्च का एस्टीमेट तैयार करने में दक्ष अभियंता नगरसेवकों के लिए लाभदायक साबित होता है। यही कारण है कि ऐसे अभियंताओं की अपने प्रभाग में बदली के लिए प्रयास तेज हो गए है। कुछ अभियंता स्वयं भी नगरसेवकों से संपर्क साध रहे हैं।

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