Pune Municipal Corporation Hoarding Policy: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) में होर्डिंग नीति को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के भीतर का विरोधाभास खुलकर सामने आ गया है। स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले को लगातार दूसरी बार अपना निर्णय वापस लेना पड़ा है।
भाजपा के गुटनेता गणेश बिडकर ने कहा कि पार्टी ने फिलहाल होर्डिंग नीति लागू नहीं करने का निर्णय लिया है। भिमाले ने प्रतिक्रिया दी कि उन्हें इस फैसले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। दोनों नेताओं के बयान के बाद सत्ताधारी खेमे में तालमेल का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
चर्चा है कि होडिंग नीति को लेकर भिमाले और अतिरिक्त आयुक्त के बीच विवाद हुआ था, जिसमें कथित तौर पर दबाव बनाने की बात भी सामने आई थी। इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासन, भाजपा और शहर की छवि धूमिल हुई है। सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हस्तक्षेप किया और फटकार लगाई, जिसके बाद नीति वापस लेने का निर्णय लिया गया।
बता दें कि होर्डिंग नीति को लेकर Pune Municipal Corporation के स्थायी समिति सभापति भिमाले और आयुक्त नवल किशोर राम के बीच टकराव की खबरें आई थी। इस विवाद के कारण पिछले कुछ दिनों से शहर का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ था। इसी बीच, गुरुवार को बिडकर ने कहा था कि पार्टी स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद होर्डिंग नीति को फिलहाल ठंडे बस्ते में डालने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों में अध्यक्ष की ओर से इस नीति को लेकर कोई ठोस पहल नहीं दिखी, जिसके चलते 'कौर टीम' ने प्रस्ताव को लागू न करने का फैसला किया। यदि प्रशासन पुणेवासियों के हित में कोई नया और पारदर्शी प्रस्ताव लाता है, तो भाजपा उसका पूर्ण समर्थन करेगी।
अवैध केबल नेटवर्क और RMC प्लांट का मुद्दा देते बिडकर ने नीति निर्माण में पारदर्शिता और नियमों के कड़ाई से पालन पर जोर हुए अवैध केबल नेटवर्क की समस्या भी उठाई। उन्होंने कहा कि शहर में कई केबल बिना अनुमति के बिछाए गए है और मनपा के पास इनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके लिए स्पष्ट नियमावली, अनुमति प्रक्रिया और शुल्क संरचना तय करना अनिवार्य है ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके। रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट्स के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए ये आवश्यक है, लेकिन इनके संचालन में निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।