पुणे महानगर पालिका ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
पुणे

पीएमसी में भाजपा की पकड़ मजबूत, सभी विषय समितियों पर कब्जा तय; 27 फरवरी को औपचारिक घोषणा

Civic Politics Pune: पुणे मनपा में स्थायी समिति के बाद अब अन्य विषय समितियों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पदों पर भी BJP का कब्जा तय है। विपक्ष के मैदान से दूर रहने के कारण 27 फरवरी को केवल औपचारिक घोषणा शेष।

अंकिता पटेल

Pune Municipal Corporation BJP Dominance: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) की सत्ता पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पकड़ और भी मजबूत हो गई है। स्थायी समिति के बाद अब मनपा की अन्य महत्वपूर्ण विषय समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भी भाजपा का कब्जा तय हो गया है।

संख्या बल की कमी और विपक्ष की अरुचि के चलते, विपक्षी दलों ने चुनावी मैदान से दूरी बना ली है। अब 27 फरवरी को केवल औपचारिक घोषणा होना बाकी है।

निर्विरोध निर्वाचन का मार्ग प्रशस्त

मनपा की विधि, शहर सुधार, महिला एवं बाल कल्याण, क्रीड़ा, शिक्षा और नाम समिति के लिए नामांकन की प्रक्रिया सोमवार को संपन्न हुई। भाजपा ने इन सभी समितियों के लिए अपने उम्मीदवारों के पर्चे दाखिल कर दिए हैं। चौकाने वाली बात यह रही कि विपक्ष की ओर से एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया। सत्ताधारी दल के इस दबदबे के बाद अब इन सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय है।

संख्या बल ने बिगाड़ा विपक्ष का खेल

विपक्ष के पीछे हटने का मुख्य कारण नगरसेवकों का गणित है। प्रत्येक समिति में कुल 13 सदस्य होते हैं, जिनमें भाजपा के पास 10 सदस्यों का भारी बहुमत है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के पास 3 और कांग्रेस के पास मात्र 1 सदस्य है। नामांकन के लिए आवश्यक प्रस्तावक और अनुमोदक जुटा पाना विपक्ष के लिए टेढ़ी खीर साबित हुआ।

विपक्ष की अनुपस्थिति का लाभ

स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुंबई में आयोजित एक शोकसभा के कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस के कई नगरसेवक शहर से बाहर थे, जिसने विपक्ष की रही-सही संभावनाओं को भी खत्म कर दिया।

स्थायी समिति अध्यक्ष के रूप में श्रीनाथ भिमाले की नियुक्ति के बाद, अब अन्य समितियों की कमान भी भाजपा के हाथों में जाने से प्रशासन पर पार्टी का पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो जाएगा।

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