Mayor Manjusha Nagpure Challenges Rohit Pawar: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर पुणे की राजनीति में जबर्दस्त घमासान छिड़ गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक रोहित पवार द्वारा MPSC अध्यक्ष डॉ. विवेक भिमनवार के इस्तीफे और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर 'पुणे बंद' की चेतावनी दिए जाने के बाद, पुणे की मेयर मंजुषा नागपुरे ने आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्हें सीधी चुनौती दे डाली है।
मेयर मंजुषा नागपुरे ने तल्ख लहजे में कहा, रोहित पवार पुणे शहर बंद करके दिखाएं, तब उन्हें समझ आएगा कि पुणेकर क्या चीज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय प्रशासन और शहर के नागरिक अब किसी भी तरह का राजनीतिक आंदोलन या शहर की घेराबंदी बर्दाश्त नहीं करेंगे और शहर को बिल्कुल भी बंद नहीं होने दिया जाएगा।
एस. एम. जोशी पुल के पास पिछले कई दिनों से चल रहे MPSC परीक्षार्थियों के विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए मेयर मंजुषा नागपुरे ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता छात्रों की समस्याओं का समाधान खोजने के बजाय इस जनआंदोलन का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए कर रहे हैं।
नागपुरे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन आम नागरिकों का जीवन अस्त-व्यस्त करके, मरीजों का अस्पताल पहुंचना और छात्रों का कॉलेज जाना रोककर किसी का भला नहीं हो सकता। उन्होंने वरिष्ठ नेता शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या वे पुणे शहर को बंद किए जाने का समर्थन करते हैं?
मेयर ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि राज्यभर के अभिभावक बेहद मेहनत से अपने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए पुणे भेजते हैं। पुणे हमेशा से शिक्षा का केंद्र रहा है और इसने लाखों विद्यार्थियों को अपनाया है। इसलिए छात्रों को राजनीतिक नेताओं के बहकावे में आकर अपना भविष्य खतरे में नहीं डालना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे सड़कों पर उतरने के बजाय अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित करें।
रोहित पवार की 'पुणे बंद' की धमकी के जवाब में मेयर नागपुरे के इस कड़े रुख से पुणे का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है।