खरीफ (सोर्सः सोशल मीडिया) 
पुणे

पुणे में खरीफ सीजन के लिए 1.94 लाख टन खाद की मांग; किल्लत रोकने के लिए प्रशासन ने बनाया 'यूरिया बफर जोन'

Pune Monsoon News: पुणे जिले में खरीफ फसलों के लिए उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। आपात स्थिति से निपटने हेतु 9,150 टन खाद का 'बफर स्टॉक' सुरक्षित रखा गया है ताकि किल्लत न हो।

रूपम सिंह

Pune Kharif Season News: पुणे जिले में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग ने सकारात्मक तस्वीर पेश की है। वैश्विक स्तर पर युद्धजन्य स्थितियों के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होने के बावजूद, जिले में यूरिया और डीएपी सहित अन्य प्रमुख खादों की स्थिति संतोषजनक है।

इस सीजन के लिए प्रशासन ने कुल 1,94,500 टन उर्वरक की मांग दर्ज की है। अच्छी बात यह है कि पिछले रबी सीजन का लगभग 88,034 टन स्टॉक पहले से ही उपलब्ध है, जिसे मिलाकर कृषि विभाग का दावा है कि किसानों को इस बार खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कृषि विभाग ने कालाबाजारी रोकने और संभावित कमी से निपटने एक सूक्ष्म नियोजन तैयार किया है। इस वर्ष पुणे जिले में करीब 2,07,250 हे। क्षेत्र पर खरीफ की बुवाई होने का अनुमान है। इसमें मुख्य रूप से धान, सोयाबीन, बाजरा, मक्का, मूंगफली और तुअर जैसी फसलें शामिल हैं।

चूंकि यूरिया और डीएपी जैसे खादों का कच्चा माल आयात पर निर्भर होता है, इसलिए विभाग ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाए हैं, ताकि ऐन वक्त पर किसी भी प्रकार का संकट खड़ा न हो।

इस साल 'यूरिया बफर जोन' का किया गया है निर्माण

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए इस साल 'यूरिया बफर जोन' का निर्माण किया गया है। यदि सीजन के बीच में अचानक खाद की कमी होती है, तो सुरक्षित रखे गए स्टॉक का उपयोग किया जाएगा। महाराष्ट्र राज्य सहकारी मार्केटिंग फेडरेशन और अन्य निगमों के माध्यम से 20 गोदामों मे लगभग 9,150 टन खाद (जिसमें 8,400 टन यूरिया और 750 टन डीएपी शामिल है) को 'रिजर्व स्टॉक' के रूप में सुरक्षित रखा जा रहा है।

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