पुणे के बांधों में पिछले साल से बेहतर जल भंडार; 43% पानी उपलब्ध होने से गर्मी में जल संकट की आशंका कम

Pune Dam News: पुणे जिले के बांधों में वर्तमान में 86 TMC पानी उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष के 63 TMC से अधिक है। रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए 9 बांधों से पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है।
Pune dams hold 86 TMC water (43% capacity), better than last year's 32%. Irrigation supply started for crops, but rising heat poses evaporation challenges for the city.
प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pune Dam Water Levels News: पुणे जिले में गर्मी का पारा बढ़ने के साथ ही पानी की मांग भी तेजी से बढ़ने लगी है, लेकिन राहत की बात यह है कि इस वर्ष जल संकट की तीव्रता पिछले साल की तुलना में कम रहने की संभावना है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, वर्तमान में जिले के प्रमुख बांधों में लगभग 86 टीएमसी पानी उपलब्ध है, जिसे इस मौसम के लिए संतोषजनक माना जा रहा है। पिछले वर्ष इसी अवधि में मात्र 32% 63.73 टीएमसी पानी बचा था, जबकि इस साल अब भी 43% जलस्तर मौजूद है।

बीते मानसून सत्र में जिले के पश्चिमी हिस्से में हुई भारी बारिश के कारण 26 बांध अपनी पूरी क्षमता से भर गए थे। इन बांधों की कुल संचयन क्षमता 198.34 टीएमसी है, लेकिन बारिश के बाद रिकॉर्ड 202.67 टीएमसी 102% पानी जमा हुआ था। पिछले पांच महीनों में खेती, उद्योगों और शहरी जलापूर्ति के कारण जलस्तर में कमी आई है, लेकिन पिछले साल की तुलना में स्थिति काफी बेहतर है। जलसंपदा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल उजनी 21.47 टीएमसी, भाटघर 11.62 टीएमसी और मुलशी 9.00 टीएमसी जैसे बांध में पर्याप्त स्टॉक है।

रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए पानी छोड़ना शुरू

पुणे जिले में रबी सीजन की फसलें जैसे गेहूं, ज्वारी, मक्का, सूरजमुखी और सब्जियां वर्तमान में कटाई या अंतिम चरण में हैं। इन फसलों और ग्रीष्मकालीन बागवानी को सूखने से बचाने के लिए इस महीने से बांधों से पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है।

वर्तमान में खडकवासला, चासकमान, वीर, नाझरे, डिंभे और उजनी सहित 9 बांधों से नहरों और पाइपलाइनों के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है। इसका सीधा लाभ आंबेगाव, शिरूर, खेड, इंदापुर, बारामती, दौंड और पुरंदर जैसे सूखा प्रभावित तहसीलों के किसानों को मिल रहा है।

बढ़ता तापमान और चुनौतियां

जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, वाष्पीकरण और पानी की मांग के कारण बांधों के जलस्तर में गिरावट आने की आशंका है। पुणे और पिपरी-चिंचवड जैसे बड़े शहरों की प्यास बुझाने के लिए खडकवासला, चासकमान और पवना बांधों पर दबाव बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग ने चेतावनी दी है कि भले ही वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आगामी महीनों में तापमान में और अधिक वृद्धि होने पर जल प्रबंधन की चुनौती बढ़ सकती है। विभाग ने नागरिकों और किसानों से उपलब्ध जल का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है ताकि मानसून के आगमन तक पानी की कमी न हो।

विभिन्न डैम में उपलब्ध जल भंडार (TMC में) की जानकारी

उजनी बांध में 21.47 टीएमसी, भाटघर में 11.62, मुलशी में 9.00, वरसगाव 6.05, पानशेत 6.13, नीरा देवधर 5.56, वीर 5.06, डिंभे 4.82, भामा आसखेड 4.77, पवना 3.91, चासकमान 3.03, गुंजवणी 1.63, आंद्रा 1.56, पिपलगांव जोगे 1.43. कलमोडी 1.41, घोड 1.31, खडकवासला 0.87, वडिवेल 0.70, वडज 0.65, विल्हेवाडी 0.63, येडगाव 0.57, टेमघर 0.44, शेटफल 0.35, विसापुर 0.34, कासारसाई 0.25 और नाझरे बांध में 0.21 टीएमसी जल भंडार है।

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