BJP NCP Claim Candidate Race: पुणे स्नातक विधान परिषद सीट को लेकर महायुति में दावेदारी का पेच उलझता जा रहा है। भाजपा के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट ने भी इस सीट पर अपना दावा मजबूत किया है, जबकि शिवसेना के शिंदे गुट के नेता भी चुनाव की तैयारी में जुटे हैं।
दूसरी ओर, महाविकास आघाड़ी में छह साल पहले के चुनावी फॉर्मूले को कायम रखने की तैयारी है। इसके तहत पदवीधर सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस के शरदचंद्र पवार गुट और शिक्षक सीट कांग्रेस के पास रहने की संभावना है।
मौजूदा पदवीधर विधायक अरुण लाड राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजीत पवार गुट से निर्वाचित हुए हैं। इसी आधार पर मंत्री हसन मुश्रीफ इस सीट पर अपने दल का दावा पेश कर रहे हैं।
उन्होंने कोल्हापुर और सांगली में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन लेकर कोल्हापुर जिला बैंक के संचालक प्रताप उर्फ भैया माने को आगे बढ़ाना शुरू किया है। मुश्रीफ की सक्रियता से महायुति में भाजपा और अजीत पवार गुट के बीच सीट को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ने के संकेत हैं।
भाजपा ने भी पदवीधर सीट पर अपना दावा कायम रखा है। पूर्व विधायक चंद्रकांत पाटिल के समर्थन से अरुण लाड के बेटे शरद लाड की दावेदारी सामने आई है। भाजपा में प्रवेश के दौरान चंद्रकांत पाटिल की मौजूदगी में उनकी उम्मीदवारी की घोषणा भी की गई थी। वहीं, भाजपा की ओर से माणिक पाटिल-चुयेकर का नाम भी प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आया है। उनका नाम प्रदेश स्तर पर भेजे जाने की जानकारी है।
महायुति में भाजपा और अजीत पवार गुट के अलावा शिवसेना के शिंदे गुट के नेता भी चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में पांच विधान परिषद सीटों के लिए होने वाले चुनाव में सीटों के बंटवारे पर महायुति के भीतर अंतिम निर्णय अहम होगा।
महाविकास आघाड़ी (मविआ) में छह साल पहले के नतीजों के आधार पर सीटों का प्राथमिक बंटवारा तय होने की जानकारी है। पदवीधर सीट राकां शरदचंद्र पवार (एसपी) गुट और शिक्षक सीट कांग्रेस को देने पर सहमति बनने की संभावना है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की ओर से पूर्व विभागीय आयुक्त प्रभाकर देशमुख की बेटी हर्षदा जाधव-देशमुख का नाम चर्चा में है। प्रभाकर देशमुख रयत शिक्षण संस्था से जुड़े हैं। रयत का राज्यभर में फैला शैक्षणिक नेटवर्क उनकी दावेदारी के पीछे महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
शिक्षक सीट कांग्रेस पार्टी के पास ही रहने की संभावना है। छह साल पहले कांग्रेस के प्रा. जयंत आसगावकर ने यह सीट जीती थी और इस बार भी उनकी उम्मीदवारी लगभग तय मानी जा रही है। नामांकन की अंतिम तारीख 29 सितंबर से पहले महाविकास आघाड़ी के वरिष्ठ नेता दोनों सीटों के उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला कर सकते हैं।