ESIC मेडिकल कॉलेज, पुणे (सोर्सः सोशल मीडिया)
पुणे

ससून अस्पताल में रोज 2,000 मरीज, नए ESIC अस्पताल से कितना बदलेगी पुणे की स्वास्थ्य व्यवस्था?

Pune ESIC Medical College Approval: पुणे में ESIC मेडिकल कॉलेज को केंद्र की मंजूरी मिली है। 2027-28 से MBBS की 50 सीटें शुरू होंगी, जबकि 500 बेड का अस्पताल दिसंबर तक चालू करने का दावा है।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • पुणे में ESIC मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिली; 2027-28 से MBBS की 50 सीटें शुरू होंगी।

  • मंत्री माधुरी मिसल के अनुसार, बिबवेवाड़ी में 500 बेड का अस्पताल दिसंबर के अंत तक चालू करने की योजना है।

  • नए अस्पताल से दबाव कितना घटेगा, यह उसकी इलाज करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।

ESIC Medical College 50 MBBS Seats Hospital Approval: पुणे में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शुरू करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मंजूरी की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी।

शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू होने वाले इस कॉलेज में शुरुआती तौर पर एमबीबीएस की 50 सीटें उपलब्ध होंगी। हालांकि, नए मेडिकल कॉलेज से शहर की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को कितनी राहत मिलेगी और ससून अस्पताल पर मरीजों का दबाव कितना कम होगा, यह वहां उपलब्ध सुविधाओं और उपचार क्षमता पर निर्भर करेगा।

ससून की OPD में रोजाना 2,000 तक मरीज

पुणे के बी.जे. शासकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ससून सर्वोपचार अस्पताल में रोजाना करीब 1,800 से 2,000 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। पुणे शहर के अलावा पश्चिम महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां आते हैं।

इसके कारण अस्पताल की ओपीडी और अन्य उपचार सेवाओं पर लगातार दबाव बना रहता है।ऐसे में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शुरू होने से शहर में सरकारी चिकित्सा सुविधाओं का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

हालांकि, केवल मेडिकल कॉलेज शुरू होने से ससून अस्पताल में मरीजों की भीड़ कम होना तय नहीं है। इसके लिए नए अस्पताल में पर्याप्त बिस्तर, विशेषज्ञ डॉक्टर, जांच सुविधाएं और अन्य उपचार सेवाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा।

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज से कितना लाभ?

पुणे महानगरपालिका का अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज भी शहर में चिकित्सा शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इसके बावजूद ससून अस्पताल में मरीजों की बड़ी संख्या बनी हुई है। ऐसे में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के मामले में भी यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वहां चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों के उपचार के लिए कितनी सुविधाएं विकसित की जाती हैं।

यदि ईएसआईसी अस्पताल में पर्याप्त संख्या में मरीजों को भर्ती करने, विशेषज्ञ उपचार देने और विभिन्न बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध होती है, तो ससून अस्पताल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि उपचार की क्षमता सीमित रहती है, तो ससून पर दबाव कम होने का असर भी सीमित रह सकता है।

चिकित्सा शिक्षा को मिलेंगी 50 अतिरिक्त सीटें

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से एमबीबीएस की 50 सीटों पर प्रवेश शुरू करने की योजना है। इससे चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर मिलेंगे। साथ ही, भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार करने में भी मदद मिल सकती है।

पुणे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। पुणे शहर की बढ़ती आबादी के साथ आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों के कारण सरकारी अस्पतालों पर उपचार का दबाव बना रहता है।

ऐसे में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की शुरुआत महत्वपूर्ण होगी। लेकिन इसका वास्तविक लाभ इस बात से तय होगा कि संस्थान में पढ़ाई के साथ मरीजों के इलाज की कितनी क्षमता विकसित होती है और वह ससून अस्पताल पर निर्भरता कम करने में कितना योगदान देता है।

मेडिकल शिक्षा राज्य मंत्री माधुरी मिसल ने क्या कहा?

मैंने बिबवेवाड़ी के ESIC अस्पताल में 50 MBBS छात्रों की क्षमता वाला मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए केंद्रीय मंत्रालय के साथ लगातार पैरवी की। इस बारे में प्रस्ताव को पहले दो बार पुनर्विचार के लिए वापस भेजा गया था।

यह फ़ैसला इसलिए हो पाया क्योंकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में विशेष रुचि ली। मैं इस फ़ैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा का आभार व्यक्त करती हूँ। इस कदम से न केवल पुणे शहर में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ मज़बूत होंगी, बल्कि मेडिकल शिक्षा के अवसर भी बढ़ेंगे।

छात्र 2027-28 शैक्षणिक वर्ष से कॉलेज में दाखिला ले सकेंगे। इसके अलावा, इस जगह पर बन रहे 500 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण पूरा हो जाएगा और यह सुविधा इस साल दिसंबर के अंत तक चालू हो जाएगी।

- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट

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