दिवाली पर पुणे से उत्तर भारत की ट्रेनों में भारी भीड़, झेलम एक्सप्रेस में आरक्षण 198% तक पहुंचा।
यात्रियों की सुविधा के लिए 450 विशेष ट्रेन यात्राएं निर्धारित।
पुणे एसटी विभाग दिवाली पर 1,200 अतिरिक्त बसें चलाएगा।
Pune Diwali Train Ticket Crisis: दिवाली की छुट्टियों में घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने अब कन्फर्म रेल टिकट हासिल करना बड़ी चुनौती बन गया है। पुणे से उत्तर और पूर्व भारत की ओर जाने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनों में आरक्षण उपलब्ध सीटों की क्षमता से आगे निकल गया है। पुणे-सुपौल एक्सप्रेस में औसत आरक्षण 131 प्रतिशत, जबकि पुणे-जम्मू तवी झेलम एक्सप्रेस में एक दिन का अधिकतम आरक्षण 198 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
कई ट्रेनों में टिकट बुकिंग शुरू होते ही सीटें भर रही हैं और यात्रियों को 'रिग्रेट' का संदेश मिल रहा है। रेलवे प्रशासन की 30 सितंबर तक की जानकारी के अनुसार, पुणे से चलने वाली या पुणे आने वाली 106 ट्रेनों की 1,449 फेरियों के लिए करीब 6।7 लाख यात्रियों की बुकिंग दर्ज की गई है। इससे लगभग 76.8 करोड़ रुपये का टिकट राजस्व मिलने की उम्मीद है। आंकड़े त्योहार के दौरान लंबी दूरी की ट्रेनों की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।
नवंबर में पुणे-सुपौल एक्सप्रेस की 29 फेरियों में औसत आरक्षण 131 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इसमें 41,573 यात्रियों की बुकिंग हुई है और करीब पांच करोड़ रुपये का राजस्व अपेक्षित है। एक दिन में इस ट्रेन का आरक्षण 167 प्रतिशत तक पहुंच गया। पुणे-जम्मू तवी झेलम एक्सप्रेस में औसत आरक्षण 123 प्रतिशत है।
जबकि एक दिन में यह 198 प्रतिशत तक पहुंचा। इस ट्रेन में 39,235 यात्रियों की बुकिंग दर्ज हुई है। पुणे-दानापुर विशेष ट्रेन में औसत आरक्षण 125 प्रतिशत और अधिकतम 181 प्रतिशत रहा। इसमें 28,880 यात्रियों की बुकिंग हुई है। पुणे हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस में 34,938
और कन्याकुमारी एक्सप्रेस में 32,475 यात्रियों की बुकिंग दर्ज की गई है। इन ट्रेनों में औसत आरक्षण 110 से 114 प्रतिशत के बीच है। वापसी की यात्रा में भी मांग बनी हुई है। जम्मू तवी-पुणे झेलम एक्सप्रेस में औसत आरक्षण 99 प्रतिशत और सुपौल-पुणे ट्रेन में 88 प्रतिशत है।
उत्तर और पूर्व भारत की ट्रेनों में जहां आरक्षण क्षमता से आगे है, वहीं मुंबई शहर मार्ग की कुछ ट्रेनों में बुकिंग अपेक्षाकृत कम है। डेक्कन क्वीन में आरक्षण 5.5 प्रतिशत, इंटरसिटी में 6.8 प्रतिशत, इंद्रायणी में 7.6 प्रतिशत, डेक्कन एक्सप्रेस में 8.1 प्रतिशत और प्रगति एक्सप्रेस में 9.5 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
दिवाली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुणे रेल मंडल ने विशेष ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की है। 24 अक्टूबर 2026 तक जारी सूची के अनुसार, विभिन्न मार्गों पर कुल 450 विशेष ट्रेन यात्राएं निर्धारित की गई हैं।
इन सेवाओं का उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा उपलब्ध कराना है। पुणे से अमरावती और मुजफ्फरपुर के लिए भी विशेष सेवाएं निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा नागपुर, गोरखपुर, कोल्हापुर और अन्य प्रमुख गंतव्यों को जोड़ने वाली ट्रेनें भी सूची में शामिल है।
दिवाली पर गांव जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पुणे एसटी विभाग ने 1,200 अतिरिक्त बसै चलाने की योजना बनाई है। इनमें विदर्भ, खानदेश और मराठवाड़ा के लिए 900, जबकि सोलापुर, कोल्हापुर, सांगली और सातारा के लिए 300 बसें शामिल है। ये विशेष बसें 4 से 7 नवंबर के बीच स्वारगेट, शिवाजीनगर और पिपरी-चिंचवड़ से रवाना होंगी। विदर्भ, खानदेश और मराठवाड़ा जाने वाली बसें पिंपरी-चिंचवड़ आगार से चलाई जाएंगी।
उत्तर भारत और दिल्ली की और जाने वाली ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी लगभग 100 प्रतिशत है, त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्री भीड़ और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुणे रेल मंडल द्वारा 450 अतिरिक्त विशेष ट्रेन यात्राओं की व्यवस्था की गई है। हमारा प्रयास है कि यात्रियों को त्योहारों के दौरान सुविधाजनक यात्रा के अधिक विकल्प उपलब्ध हो और उनकी यात्रा सुगम हो।हेमंत कुमार बेहेरा, डीसीएम एवं पीआरओ, पुणे मंडल, मध्य रेलवे