पुणे डेंगू खतरा, सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)  
पुणे

पुणे में बारिश के बीच बढ़ा डेंगू का खतरा, जुलाई में मिले 192 संदिग्ध मरीज; PMC ने नागरिकों को किया सतर्क

Pune Dengue Cases: पुणे में लगातार बारिश के बीच डेंगू का खतरा बढ़ गया है। जुलाई के पहले 21 दिनों में 192 संदिग्ध मरीज मिले, जिनमें 8 में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

अंकिता पटेल

Pune Monsoon Dengue Outbreak: शहर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसका असर जन स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जुलाई के पहले 21 दिनों में डेंगू के 192 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। इनमें से आठ मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

जून महीने में भी 175 संदिग्ध मरीज मिले थे, जिनमें 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और मच्छरों की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की अपील की है।

शहरभर में अभियान तेज हुआ

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बारिश के दौरान विभिन्न स्थानों पर जमा पानी में एडीज मच्छर तेजी से पनप रहे हैं। यही मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रमुख वाहक होते हैं। फिलहाल मनपा ने पूरे शहर में विशेष नियंत्रण अभियान शुरू किया है।

इसके तहत घर-घर सर्वेक्षण, मच्छरों के लार्वा की खोज, कीटनाशकों का छिड़काव और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिन स्थानों पर लार्वा पाए जा रहे हैं, वहां संबंधित लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से घरों, सोसायटियों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है।

289 लोगों को दी गई नोटिस

मनपा के अनुसार, मच्छरों की रोकथाम संबंधी नियमों का उल्लंघन करने पर अब तक 289 नागरिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे कुल 11 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं 1 जनवरी से 21 जुलाई तक शहर में डेंगू के 540 संदिग्ध मरीज दर्ज किए गए, जिनमें 22 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई।

इसी अवधि में नियमों का पालन नहीं करने पर 1,184 नागरिकों को नोटिस जारी किए गए और कुल 1 लाख 43 हजार 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। चिकनगुनिया के मामले फिलहाल कम हैं। 21 जुलाई तक केवल एक मरीज की पुष्टि हुई है, जबकि जून में छह मरीज मिले थे। इस वर्ष अब तक शहर में चिकनगुनिया के कुल सात मामले सामने आए हैं।

23,600 घरों की जांच पूरी

कीटक नियंत्रण विभाग के अनुसार, मानसून शुरू होने के बाद डेंगू की रोकथाम के लिए निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जून में लगभग 11,500 घरों की जांच की गई थी, जबकि जुलाई में 21 तारीख तक 23,600 घरों का निरीक्षण किया जा चुका है। विभाग का मानना है कि समय रहते मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने से संक्रमण के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।

प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावी नियंत्रण

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी की टंकियों, कूलर, गमलों, फूलदानों और अन्य पात्रों की नियमित सफाई करें तथा कहीं भी पानी जमा न होने दें, यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन या जोड़ों में दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं, समय पर जांच और उपचार से डेंगू के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से ही डेंगू के बढ़ते खतरे पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

महीना संदिग्ध मरीज पॉजिटिव मरीज
अप्रैल 58 0
मई 41 2
जून 175 12
जुलाई (21 जुलाई तक) 192 8
कुल 466 22

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