IIT Kharagpur Graduate 16Year Old Murder Case: पुणे के बावधन में 2010 में 23 वर्षीय बहन प्रियदर्शिनी बसु की हत्या के मामले में पुणे सत्र न्यायालय ने IIT खड़गपुर के पूर्व छात्र और कारोबारी सुबोजित सदन बसु को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी को दोष साबित करने के लिए पर्याप्त माना।
पुणे, बावधन में 2010 में अपनी 23 वर्षीय बहन प्रियदर्शिनी बसु की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में पुणे सत्र न्यायालय ने IIT खड़गपुर के पूर्व छात्र और कारोबारी सुबोजित सदन बसु को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.के. शर्मा ने मामले में अभियोजन की ओर से पेश परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी को दोष साबित करने के लिए पर्याप्त माना। अदालत ने हत्या के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और आत्महत्या के प्रयास के लिए धारा 309 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अभियोजन के अनुसार, 14 अप्रैल 2010 को बावधन स्थित अपराजिता अपार्टमेंट में तड़के करीब 4.25 बजे सुबोजित बसु ने अपनी बहन का गला दबाकर हत्या की थी।
घटना के बाद उसने कथित तौर पर अपनी कलाई काटकर और फिनायल पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था।
अदालत ने मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ नौ गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को आधार बनाया। अभियोजन ने अदालत के समक्ष घटनाक्रम से जुड़ी परिस्थितियों की पूरी कड़ी पेश की।
अदालत ने इन साक्ष्यों को आरोपी का दोष साबित करने के लिए पर्याप्त माना और उसे हत्या का दोषी ठहराया।
अदालत ने धारा 302 के तहत उम्रकैद सजा के साथ 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं, धारा 309 के तहत आत्महत्या के प्रयास के मामले में एक वर्ष के साधारण कारावास के साथ 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
अदालत ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में नहीं माना। इसलिए मृत्युदंड के बजाय उम्रकैद की सजा सुनाई गई।