Pune Municipal Corporation: पुणे शहर में सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। नगरसेविका ऐश्वर्या थोरात ने पुणे महानगर पालिका की मुख्य सभा में शौचालयों की दयनीय अवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा। प्रशासन द्वारा दिए गए उत्तर से खुलासा हुआ कि शहर के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में शौचालय बंद और जर्जर पड़े हैं। इससे सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था को लेकर मनपा के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शहर में 738 सार्वजनिक शौचालय, 60 पूरी तरह बंदः मनपा के पांचों जोन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शहर में लगभग 738 सार्वजनिक शौचालय दर्ज हैं। इनमें से 605 शौचालय चालू हैं, जबकि 60 पूरी तरह बंद और 28 अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। हालांकि, यह आंकड़े भी जमीनी हकीकत को पूरी तरह बयां नहीं करते। कोथरूड-बावधन और बिबवेवाड़ी जैसे क्षेत्रों में मौजूद शौचालयों की सटीक स्थिति का कोई स्पष्ट विवरण प्रशासन के पास उपलब्ध ही नहीं है।
जोन-1 में कुल 208 सार्वजनिक शौचालय हैं, जिनमें से 184 चालू, 18 बंद और 6 जर्जर हैं। ढोलेपाटिल क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 134 शौचालयों में से 125 चालू, 4 बंद और 5 जर्जर हैं। येरवडा वडगांवशेरी क्षेत्र में 14 शौचालयों को स्थायी रूप से बंद करने को लेकर नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। नगररोड-वाघोली क्षेत्र के 19 शौचालयों में 1 जर्जर है। वहीं, जोन-2 के औंध-बाणेर क्षेत्र में 9 शौचालय अच्छी स्थिति में हैं, जबकि शिवाजीनगर-घोलेरोड क्षेत्र में दर्ज 138 शौचालयों में से 2 बंद पड़े हैं।
जोन-3 में कुल 158 सार्वजनिक शौचालयों में से 133 चालू और 25 बंद हैं। सिंहगढ़ रोड क्षेत्र में स्थिति काफी चिंताजनक है; यहां 60 में से 25 शौचालय पूरी तरह बंद हैं, वारजे कर्वेनगर क्षेत्र में 24 शौचालय चालू हैं और बीते दो वर्षों में यहाँ एक नया शौचालय बनाया गया है। इसी तरह, जोन-4 में कुल 105 शौचालयों में से 68 चालू, 15 बंद और 22 जर्जर है,
पुणे मनपा के जवाब से यह भी स्पष्ट हुआ है कि बीते दो वर्षों में कई क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत एक भी नया सार्वजनिक शौचालय नहीं बनाया गया, शहर की लगातार बढ़ती आबादी, सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती भीड़ और महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह स्थिति मनपा के नियोजन पर सवाल उठाती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि जोन-5 के शौचालयों की स्थिति की सटीक जानकारी मनपा प्रशासन के पास उपलब्ध ही नहीं है। विश्रामबाग वाड़ा और कसबा पेठ क्षेत्र में 75 शौचालय चालू होने का दावा किया गया है। वहीं बिबवेवाड़ी में 9 सार्वजनिक और 39 बस्ती-स्तरीय शौचालयों सहित कुल 45 शौचालयों की जानकारी दी गई है, लेकिन इनमें से कितने चालू हैं, कितने बंद हैं और कितने जर्जर हैं, इसका कोई स्पष्ट ब्यौरा प्रशासन के पास नहीं है।