Pune Police Recruitment Fake Sports Certificate Scam: महाराष्ट्र में भर्ती घोटालों के बीच पुणे शहर पुलिस की भर्ती में फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के जरिए नौकरी हासिल करने का कथित मामला सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार, 19 उम्मीदवारों ने कुराश और ड्रैगनबोट खेलों के कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर खिलाड़ी आरक्षण का लाभ उठाकर पुलिस विभाग में नौकरी हासिल की। इनमें से 9 उम्मीदवार प्रशिक्षण के लिए भी जा चुके हैं।
मामले की जांच के दौरान अपराध शाखा ने महाराष्ट्र राज्य कुराश एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुश नागर और सचिव शिवाजी सालुंखे को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा परभणी जिला संगठक कल्याण बालासाहेब मुरकुटे, धाराशिव जिला संगठक चांदपाशा लालासाहेब शेख समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ शिवाजीनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 2016 से 2026 के बीच ऐसे उम्मीदवारों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने का आरोप है, जो संबंधित खेलों के लिए पात्र नहीं थे। उन्हें खिलाड़ी के तौर पर दर्शाकर प्रमाणपत्र जारी किए गए। जांच में प्रति उम्मीदवार 3 से 5 लाख रुपये तक लेने के आरोप सामने आए हैं।
पुणे पुलिस भर्ती के दौरान शिवाजीनगर पुलिस मैदान में इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर उम्मीदवारों ने खिलाड़ी आरक्षण का लाभ लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए कितने उम्मीदवारों ने विभिन्न भर्तियों में आरक्षण का फायदा उठाया।
पुलिस के मुताबिक, 2020 के बाद राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन में शासन के प्रतिनिधि की मौजूदगी आवश्यक है। आरोप है कि कुराश एसोसिएशन ने खेल संचालनालय को सूचित किए बिना प्रतियोगिताएं आयोजित किए जाने का रिकॉर्ड तैयार किया।
अब इन प्रतियोगिताओं और प्रमाणपत्रों के सत्यापन में खेल विभाग की भूमिका की भी जांच की जाएगी। पुलिस यह भी जांच रही है कि प्रतियोगिताएं वास्तव में आयोजित हुई थीं या केवल प्रमाणपत्र जारी करने के लिए रिकॉर्ड तैयार किया गया था।
फर्जी प्रमाणपत्रों के आरोपों ने पुणे पुलिस भर्ती में खिलाड़ी आरक्षण के तहत हुई नियुक्तियों की जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब संबंधित दस्तावेजों, प्रतियोगिता रिकॉर्ड और प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर रही है। मामले में आगे और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।