पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Pune News: 6,830 करोड़ की जमीन पर विवाद, PMRDA Vs पिंपरी-चिंचवड़ मनपा

पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी PMRDA के आयुक्त डॉ योगेश म्हसे ने राज्य सरकार को PMC को सौंपे गए प्लॉट वापस दिलवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है।Pune MNC ने इसका विरोध किया।

अपूर्वा नायक

Pimpri Chinchwad News In Hindi: पिंपरी-चिंचवड़ नवनगर विकास प्राधिकरण (पीसीएनटीडीए) द्वारा पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका को सौंपे गए 6,830 करोड़ रुपए मूल्य के 277.77 हेक्टेयर के खुले और महत्वपूर्ण भूखंड वापस दिलाने का प्रस्ताव पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के आयुक्त डॉ योगेश म्हसे ने राज्य सरकार को भेजा है।

लेकिन महानगरपालिका ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया है कि ये भूखंड किसी भी हाल में 'पीएमआरडीए' को वापस नहीं दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने जून 2021 में पिंपरी-चिंचवड़ नवनगर विकास प्राधिकरण को भंग कर दिया था। उस समय प्राधिकरण की शेष फंड और खाली जगहें 'पीएमआरडीए' को दी गई थीं। लेकिन अतिक्रमण क्षेत्र और आरक्षित भूखंड महापालिका को सौंपे गए थे।

सरकार को भेजी गई 28 भूखंडों की सूची

लेकिन राजस्व अभिलेखों में आज भी सभी भूखंडों पर नवनगर विकास प्राधिकरण का ही नाम दर्ज है। प्राधिकरण से अतिक्रमण क्षेत्र और आरक्षित भूखंड महापालिका को देते समय कब्जा-रसीद बनाकर स्वामित्व अधिकार दिए गए हैं। मूल रिकॉर्ड प्राधिकरण के नाम पर होने के कारण ही 'पीएमआरडीए' ने सरकार को पत्र लिखकर खाली भूखंड वापस लेने की मांग की है। इस संबंध में 28 भूखंडों की विस्तृत सूची और उनका बाजार मूल्य सरकार को भेजा गया है। 'पीएमआरडीए' का तर्क है कि अतिक्रमित भूखंड महापालिका के पास रहें, जबकि खाली और विकास के लिए महत्वपूर्ण भूखंड प्राधिकरण को लौटाए जाएं। महापालिका प्रशासन का कहना है कि ये भूखंड नागरिकों की सुविधाओं के लिए महापालिका को सौंपे गए हैं।

पिपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका प्रशासक एवं आयुक्त शेखर सिंह ने कहा है कि इस प्रस्ताव के बारे में अभी तक 566 पारमखारडोर या राज्य सरकार ने महापालिका से आधिकारिक पत्राचार नहीं किया है। राज्य सरकार को इस पर अपनी राय भेजी जाएगी। नए डेवलपमेंट प्लान में इन भूखंडों पर आरक्षण डाल दिया गया है। इसलिए इन्हें वापस देने का प्रश्न ही नहीं है।

पिंपरी-चिंचवड नवनगर विकास प्राधिकरण पेठ क्रमांक 1 से 42 तक 4,200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला था। लगभग 2,100 हेक्टेयर का यह नियंत्रित क्षेत्र था, जबकि 42 पेठ और चार सुविधा केंद्रों को मिलाकर 1,938 हेक्टेयर क्षेत्र अधिग्रहित था। नियंत्रण क्षेत्र की पेठ क्रमांक 5 और 8 में पुणे अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी व सम्मेलन केंद्र, पेठ क्रमांक 9, 11, 12 और भोसरी केंद्रीय सुविधा केंद्रों के 375।90 हेक्टेयर क्षेत्र को छोड़कर शेष 1 से 42 पेठ के 1,562 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए महापालिका को विशेष योजना प्राधिकरण के रूप में नियुक्त किए गए है।

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