Pimpri Chinchwad Drug Free Schools: पुणे जिले के युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने अब स्कूल कॉलेजों को नशा मुक्त बनाने का व्यापक अभियान शुरू किया है। इसके तहत पुलिस आयुक्तालय के क्षेत्र के करीब 600 स्कूलों और कॉलेजों के 1.100 प्राचार्य, प्रधानाध्यापक और शिक्षक प्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ा गया है।
ताथवड़े स्थित श्री बालाजी विश्वविद्यालय में आयोजित नशा विरोधी जनजागृति कार्यक्रम में पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब नशे के खिलाफ अभियान केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर निगरानी, जन-जागृति और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल और कॉलेज में नारकोटिक्स इसमें शिक्षक, प्रिवेंशन कमिटी गठित की जाएगी। विद्यार्थी और अभिभावक प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
गतिविधियों को जल्दी पहचान सकते हैं। इसलिए उन्हें अभियान का सक्रिय हिस्सा बनाकर नशे के खिलाफ सामाजिक पुलिस ने संस्थानों को अपना 'ड्रग फ्री कैंपस एक्शन प्लान' तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जागरूक और जिम्मेदार विद्यार्थियों में से स्टूडेंट वालंटियर्स नियुक्त किए जाएंगे, जो अपने साथियों के बीच नशा विरोधी संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस का मानना है कि विद्यार्थी अपने आसपास होने वाले बदलावों और वातावरण तैयार करने की योजना है।
स्कूल कॉलेजों में केवल पारंपरिक व्याख्यान आयोजित करने के बजाय विभिन्न माध्यमों से विद्यार्थियों तक संदेश पहुंचाया जाएगा। इसके तहत व्याख्यान, कार्यशालाएं, पोस्टर स्लोगन प्रतियोगिताएं, निबंध, वाद-विवाद, वक्तृत्व स्पर्धाएं, लघु फिल्म और रील्स तैयार करने के साथ नुक्कड़ नाटक और जन-जागृति रैलियां आयोजित की जाएंगी। एनएसएस, एनसीसी और विद्यार्थी प्रतिनिधियों को भी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से विद्यार्थियों के व्यवहार में अचानक होने वाले बदलावों पर नजर रखने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार, विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि कम होना, व्यवहार में अचानक बदलाव या संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देना चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे मामलों में विद्यार्थियों से सख्ती के बजाय संवेदनशीलता और संवाद के जरिए स्थिति सम्झने पर जोर दिया गया।
अभियान का दायरा स्कूल-कॉलेज परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री, सेवन अथवा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है।
ऐसी कोई भी जानकारी सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन केवल एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर परिवार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पूरे समाज पर पड़ता है।
पुलिस ने नशीले पदार्थों से संबंधित जानकारी देने के लिए 'मानस' हेल्पलाइन नंबर 1933 का उपयोग करने की अपील की। यह अभियान पिंपरी-चिंचवड़ में युवाओं को नशे से दूर रखने और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
युवाओं को नशीले पदार्थों से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में लगातार जागरूकता जरूरी है। प्रत्येक शैक्षणिक संस्थ्थ को 'इग-फ्री कैंपस' बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना होगा। इसके लिए पुलिस, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थियों के बीच समन्वय की मजबूत किया जाएगा
- पिपरी-चिंचवड, पुलिस आयुक्त, विनय कुमार चौबे