Narcotics Smuggling In Pune: पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय की सीमा में एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज विभिन्न मामलों में 93 आरोपी अब भी फरार हैं। नशीले पदार्थों की तस्करी में केवल पकड़े गए आरोपियों तक सीमित न रहते हुए उनके पीछे सक्रिय सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश पुलिस ने तेज कर दी है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनके खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें स्टैंडिंग वारंट, फरारी उद्घोषणा और कानून के प्रावधानों के तहत संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई शामिल है।
पुलिस के सामने चुनौती केवल नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जांच में उसके संपर्क में रहने वाले सप्लायर, परिवहनकर्ता, भंडारणकर्ता और स्थानीय विक्रेताओं की भूमिका सामने आने की आशंका रहती है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से अमली पदार्थ कहां से आते हैं, किन रास्तों से शहर में पहुंचते हैं और स्थानीय स्तर पर उनका वितरण किस तरह होता है। इसकी जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से एनडीपीएस के 93 फरार आरोपियों के खिलाफ लंबित कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश जांच अधिकारियों को दिए गए हैं।
फरार आरोपी की तलाश के साथ उसके मोबाइल संपर्क, बैंक खातों के लेन-देन, सह-आरोपियों से संबंध और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों की जांच की जाती है।
आरोपी के दूसरे जिले या राज्य में छिपे होने की जानकारी मिलने पर संबंधित पुलिस इकाइयों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जाती है। पुलिस का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थ बेचने वाले व्यक्ति के पीछे मौजूद नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना है।
फरार आरोपी के खिलाफ पहले न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत वारंट जारी कराया जाता है। आरोपी फिर भी पुलिस या न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होता है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार फरारी उद्घोषणा की प्रक्रिया की जा सकती है।
इसके बाद भी अनुपालन न होने की स्थिति में कानून के तहत संपति जब्ती की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है। इस कार्रवाई का उद्देश्य लंबे समय से फरार आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के दायरे में लाना है।
एनडीपीएस मामली में करार आरोपियों की संख्या के लिहाज से चाकण उत्तर पुलिस थाने में सबसे अधिक 13 आरोपी है। इसके बाद संत तुकाराम नगर में 9, सांगवी और बावधन में 6-6 तथा वाकड, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम भोसरी और तलेगांव दाभाडे चुलिस थानों में 5-5 आरोपी फरार बताए गए है। विवि औद्योगिक, आईटी और शैक्षणिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में नशीले पदार्थों की बहरी आपूर्ति और स्थानीय वितरण पर नियंत्रण पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ पुणे पुलिस की रणनीति में प्रतिबंधात्मक उपाय और जनजागरूकता भी शामिल है। स्कूल, कॉलेज, आईटी कंपनियों तथा युवाओं की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में नशे के दुष्परिणामों को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं।
पुलिस के सामने अब 93 फरार आरोपियों की तलाशने के साथ उनकी कथित भूमिका और संधकों की जांच के जरिए अमली पदार्थों की सप्लाई चेन की ऊपरी कड़ियों तक पहुंचने की चुनौती है।
नशीले पदार्थों के साथ आरोपी के पकड़े जाने के बाद जांच रुकती नहीं है। माल कहां से आया, उसके पीछे सप्लायर कौन है और आगे किसके पास पहुंचने वाला था, इसकी तह तक जाने का हमारा प्रयास रहता है। तस्करी की पूरी श्रृंखला को ध्वस्त करना कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य है। इसलिए पुलिस आयुक्त के निर्देशानुसार फरार आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से शिकंजा कसने का काम शुरू है।रोहिदास पवार, पुलिस उपायुक्त, अपराध शाखा, पिंपरी-चिंचवड़