पिंपरी-चिंचवड़ में साइबर ठगी के 9 आरोपियों पर मकोका के तहत कार्रवाई।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप से वरिष्ठ नागरिक के ₹86 लाख ठगे, ₹28 लाख वापस मिले।
कंबोडिया से चल रहा था गिरोह, ठगी की रकम क्रिप्टोकरेंसी में भेजने का आरोप।
Pimpri Chinchwad MCOCA Cyber Scam: शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर वरिष्ठ नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के खिलाफ पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
पुलिस ने गिरोह के नौ आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और इंजीनियर जैसे उच्चशिक्षित लोग भी शामिल हैं।
पिंपरी-चिंचवड़ साइबर पुलिस थाने में एक वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से उनसे 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। मामले की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने 28 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराई। न्यायालय के आदेश के बाद यह राशि पीड़ित को वापस दिलाई गई।
पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे के मार्गदर्शन में की गई यह कार्रवाई इस वर्ष साइबर अपराधियों के खिलाफ आयुक्तालय की दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कंबोडिया में मौजूद मुख्य सरगना के संपर्क में रहकर कथित साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। ठगी से प्राप्त रकम को यूएसडीटी जैसी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर आगे स्थानांतरित किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इस तरीके का इस्तेमाल लेन-देन छिपाने और जांच से बचने के लिए किया जाता था।
जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि गिरोह के खिलाफ पुणे शहर , नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और गुजरात में जबरन वसूली, डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
पिंपरी चिंचवड़ पुलिस के मुताबिक, मामले की गंभीरता और गिरोह की कथित संगठित गतिविधियों को देखते हुए अपर पुलिस आयुक्त सारंग आवाड ने मकोका की धाराएं जोड़ने के आदेश दिए। सहायक पुलिस आयुक्त रोहिणी बनकर के नेतृत्व में पुलिस टीम मामले की आगे जांच कर रही है।
पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, ठगी की रकम के लेन-देन और विदेश में बैठे कथित मुख्य सरगना की भूमिका की जांच कर रही है।