

ST बस और कार की टक्कर में पांच लोगों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल।
कार सवार तुलजापुर दर्शन के लिए जा रहे थे।
ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली पर प्रदर्शन कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई मांगी।
Accident On Khamgaon Pandharpur Highway: महाराष्ट्र के बीड जिले में रविवार सुबह खामगांव-पंढरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एसटी बस और कार के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। माजलगांव तालुका के शिंदेवाड़ी फाटा के पास हुए इस हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने सड़क की खराब हालत और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को दुर्घटनाओं की वजह बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे हुई। कार में सवार लोग माजलगांव से तुलजापुर स्थित देवी तुलजा भवानी के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान शिंदेवाड़ी जंक्शन के पास कार और एसटी बस की आमने-सामने टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बस के अगले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की।
ओंकार महादेव गिरी, उम्र 24 वर्ष
गजानन महादेव नामदास, उम्र 38 वर्ष
मौली गजानन नामदास, उम्र 11 वर्ष
सोमनाथ बाडे, उम्र 23 वर्ष
अनिल आचार्य, उम्र 40 वर्ष
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने खामगांव-पंढरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि शिंदेवाड़ी जंक्शन के पास खतरनाक जंप और सड़क पर पड़ी गहरी दरारों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर पहले भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए।
स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण में कथित लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और दुर्घटनास्थल पर सुरक्षा उपाय करने की मांग की। ग्रामीणों ने दावा किया कि पिछले एक साल में इस मार्ग पर कई हादसे हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। हालांकि, दुर्घटनाओं में मौतों की बताई गई संख्या की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
पांच लोगों की मौत के बाद सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि दुर्घटनाओं की जांच की जाए, खतरनाक स्थानों पर उचित संकेतक और सुरक्षा इंतजाम किए जाएं तथा सड़क की मरम्मत कराई जाए। बीड प्रशासन की ओर से प्रदर्शन और मांगों पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।