नितिन गडकरी, ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी सोर्स: डिजाइन फोटो
पुणे

डिजिटल होते वाहनों के दौर में साइबर सुरक्षा जरूरी, गडकरी बोले- भारत को बनना होगा वैश्विक लीडर

Automotive Cybersecurity India: नितिन गडकरी ने ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी को सड़क, सार्वजनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए उद्योग, शिक्षण संस्थानों और सरकार के समन्वय पर जोर दिया।

अंकिता पटेल

Automotive Cybersecurity Ecosystem India: पुणे के आधुनिक वाहनों में सॉफ्टवेयर और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में वाहनों की साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी जरूरत नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अहम मुद्दा बन गई है।

भारत में मजबूत ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वित प्रयास जरूरी हैं। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कही।

गडकरी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी), ऑटोसिफू प्राइवेट लिमिटेड और जगमंगल सोशल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी प्रिंसिपल्स मीट-2026’ का उद्घाटन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने तेजी से डिजिटल हो रहे ऑटोमोबाइल क्षेत्र में साइबर सुरक्षा की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से बात की।

साइबर सुरक्षा को देनी होगी सर्वोच्च प्राथमिकता

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी का दायरा केवल वाहनों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और उपभोक्ताओं के विश्वास से है। इसलिए भविष्य की सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था तैयार करने के लिए साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक वाहनों में कनेक्टेड सिस्टम, सॉफ्टवेयर और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर खतरों की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में वाहन निर्माण और परिवहन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को सुरक्षा के पहलू को प्राथमिक स्तर पर शामिल करना होगा।

रिसर्च और इनोवेशन पर जोर

नितिन गडकरी ने कहा कि भारत के पास ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने की क्षमता है। इसके लिए अनुसंधान, नवाचार और कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों के जरिए ही भारत में एक मजबूत और विश्वसनीय ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी इकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भविष्य की परिवहन व्यवस्था अधिक स्मार्ट, कनेक्टेड और तकनीक आधारित होगी। ऐसे में वाहनों की साइबर सुरक्षा को मजबूत करना सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था की बुनियादी जरूरत बन चुका है।

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